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मंगलवार शाम हुई तेज बारिश ने एक बार फिर रेवाड़ी नगर परिषद और प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। कुछ ही देर की बारिश में पूरा शहर जलमग्न हो गया। कई कॉलोनियों, मुख्य बाजारों और सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। वहीं, नागरिक अस्पताल परिसर में भी कमर तक पानी जमा हो गया। गायनी वार्ड और पुरानी बिल्डिंग तक बारिश का पानी पहुंच गया, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएमओ कार्यालय का अधिकांश स्टाफ छुट्टी के बाद भी जलभराव के कारण अस्पताल परिसर में फंसा रहा। अस्पताल परिसर में फोम के बॉक्स और अन्य सामान पानी में तैरते दिखाई दिए। तीसरी बारिश में भी नहीं बदले हालात इस मानसून की यह तीसरी बारिश थी और हर बार की तरह इस बार भी शहर की स्थिति नहीं बदली। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों तक जलभराव देखने को मिला। सरकुलर रोड पर झज्जर चौक से आजाद चौक तक कई वाहन पानी में फंस गए। सैनी स्कूल, अस्पताल के सामने, कुतुबपुर, रेलवे रोड और ब्रास मार्केट सहित शहर के अधिकांश हिस्सों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं मिली राहत बरसात से पहले जिला प्रशासन और नगर परिषद ने नालों व सीवरों की सफाई के बड़े-बड़े दावे किए थे। जिला उपायुक्त ने स्वयं सफाई कार्यों का निरीक्षण भी किया था, लेकिन बारिश के बाद वही क्षेत्र जलभराव की चपेट में नजर आए। नगर परिषद ने दूसरी बारिश के बाद भी व्यवस्था सुधारने का दावा किया था, लेकिन तीसरी बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी। सवालों के घेरे में सफाई व्यवस्था इस वर्ष शहर में नालों और सीवरों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन बारिश के बाद हालात जस के तस रहे। लगातार हो रहे जलभराव ने सफाई व्यवस्था और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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रेवाड़ी में तेज बारिश, अस्पताल के अंदर घुसा पानी:गली-सड़कों पर कई फीट पानी भरा; जलभराव ने खोली नगर परिषद के दावों की पोल







