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रेवाड़ी में अखिलेश यादव – कैप्टन अजय यादव की मुलाकात:दक्षिणी हरियाणा में चढ़ा सियासी पारा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के दौरे से बना चुके दूरी




रेवाड़ी में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव व वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव की मुलाकात ने दक्षिणी हरियाणा की सियासत का पारा चढ़ा दिया है। कैप्टन अजय यादव का नाम न केवल अहीरवाल, बल्कि प्रदेश कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। कैप्टन अजय यादव राव नरेंद्र को कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने से खुश नहीं थे। शुक्रवार को राव नरेंद्र के रेवाड़ी दौरे के दौरान कैप्टन अजय यादव के साथ उनके पूर्व विधायक बेटे चिरंजीव राव ने भी दूरी बनाई थी। ऐसे में अखिलेश यादव के साथ कैप्टन अजय यादव की मुलाकात से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। 2024 के लोस चुनाव में हुई शुरूआत कैप्टन अजय यादव 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट मांग रहे थे। कांग्रेस ने कैप्टन अजय यादव की अनदेखी कर टिकट फील्म अभिनेता राज बब्बर को दे दी थी। जिस पर कैप्टन अजय यादव खुलकर नाराजगी भी जताई थी। राव नरेंद्र को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने पर भी कैप्टन आहत हुए थे। जिस पर उन्होंने अपनी नाराजगी भी जताई थी। प्रदर्शन में शामिल हुए थे प्रदेशाध्यक्ष शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रदर्शन में शामिल हुए थे। अपने रेवाड़ी दौरे के दौरान राव नरेंद्र सिंह ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका के 10 मई को होने वाले चुनाव पर भी चर्चा थी। राव नरेंद्र के इस दौरे से कैप्टन अजय यादव और उनके पूर्व विधायक बेटे चिरंजीव राव शामिल नहीं हुए थे। जिसे कैप्टन अजय यादव की नाराजगी से जोड़कर देखा गया था। लालू यादव के समधि कैप्टन अजय कैप्टन अजय यादव बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के समधि हैं। लालू यादव की बेटी अनुष्का राव की शादी कैप्टन अजय यादव बेटे चिरंजीव राव के साथ शादीशुदा है। कैप्टन से अखिलेश की मुलाकात को लालू यादव परिवार से जोड़ा जा रहा है। कैप्टन से मुलाकात के बाद अखिलेश ने भविष्य में बार-बार हरियाणा आने की बात कहकर एक बड़ा सियासी संदेश दे दिया है। जानिये कैप्टन अजय यादव का सफर कैप्टन अजय यादव कांग्रेस के ओबीसी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। कैप्टन अजय यादव रेवाड़ी विधानसभा से पहली बार 1991 में रेवाड़ी विधानसभा से विधायक चुने गए। इसके बाद 1996, 2000, 2005 और 2009 में लगातार विधायक चुने गए। 2014 में भाजपा के रणधीर कापड़ीवास से चुनाव हारे। 2019 में कैप्टन अजय यादव ने अपने बेटे चिरंजीव राव को मैदान में उतारा। चिरंजीव राव भाजपा के सुनील मूसेपुर को हराकर विधानसभा पहुंचे। 2024 में चिरंजीव राव को भाजपा के लक्ष्मण सिंह यादव से हार मिली। नाराज होकर दिया था त्यागपत्र कैप्टन अजय यादव 2005 से 2014 तक भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा के मंत्रीमंडल में रहे। उन्हें मंत्री, जेल, मुद्रण और स्टेशनरी, सामाजिक कल्याण और महिलाओं एवं बल विकास, वित्त, सिचांई, और पीडब्ल्यूडी मंत्री की जिम्मेदारी मिली। दूसरे कार्यकाल में मंत्रालय बदलने से नाराज होकर कैप्टन अजय यादव ने 29 जुलाई 2014 को, सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कैप्टन अजय सिंह यादव के पिता राव अभय सिंह यादव भी विधायक रहे है। सेना की नौकरी छोड़ राजनीति में आए कैप्टन अजय सिंह यादव 7 जून 1980 को भारतीय सेना में द्वितीय लेफ्टिनेंट बने और सात साल बाद 26 जून 1987 को कप्तान के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पिता के साथ कांग्रेस में शामिल होकर राजनीतिक सफर की शुरूआत की।



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