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उत्तर प्रदेश बुंलदशहर के बड़तौली गांव (ढाणी) भैंस चोर गिरोह मुख्य ठिकाना बना। रात के अंधेरे में भैंस चोरी करने के बाद पशुओं को वहां पहुंचाते हैं। जहां से उतर प्रदेश में लगने वाले मेलों में बेच दिया जाता है। इसके लिए चोरी के लिए स्थान चुनने से लेकर भैंस को बेचने तक हर किसी की जिम्मेदारी पहले से फिक्स होती है। रेवाड़ी में कोसली सीआईए द्वारा गिरफ्तार अंतरराज्यीय चोर गिरोह से रिमांड के दौरान पूछताछ में यह बात सामने आई है।
पुलिस ने बड़तौली निवासी मोहम्मद सलमान, महेंद्रगढ़ के बसई निवासी राजू बंजारा व राजस्थान के जयपुर के गांव जयसिंहपूरा खोर निवासी गोपी उर्फ़ पांडू बंजारा को गिरफ्तार कर 4 दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। चोरी किए गए पशु मेले में बेचे सूत्रों की माने तो, आरोपियों ने जुलाई माह में 6 वारदातों में 7 भैंस और 3 कटड़ी चोरी की। जिनमें रेवाड़ी में चार और दादरी और महेंद्रगढ़ में चोरी की एक-एक वारदात की। 6 वारदातों में चोरी की सभी भैंस पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले बेच चुके थे। ऐसे में अब पुलिस के लिए चोरी की भैंस खरीदने वालों तक पहुंच पाना आसान नहीं होगा। जिस कारण पुलिस अब इनके बाकी साथियों और भैंस चोरी से मिले पैसे बरामद करने का प्रयास करेगी। जिससे प्रभावित पशु पालकों को राहत पहुंचाई जा सके। जानिए गिरोह में किसका था क्या काम भैंस चोरी के लिए गिरोह खास रणनीति बनाकर काम करता था। जिसमें भैंस चोरी से पहले तीन चीजों पर काम करते थे। जिसमें यूपी बुलंदशहर के बड़तौली निवासी दो भाईयों की खास भूमिका रहती थी। जिसे इस प्रकार से समझा जा सकता है। मोहम्मद सलमान : मोहममद रईसू का सगा भाई है। मोहम्मद सलमान का काम गांवों में जाकर पशुओं की पहचान करना था। वह पशु व्यापारी बनकर गांव में जाता। इसके बाद गांव में विशेष पशुओं की पहचान कर उनकी लोकेशन अपने भाई मोहम्मद रईस को भेज देता। राजू बंजारा व गोपी उर्फ़ पांडू बंजारा: मोहम्मद रईस अपने भाई से मिली लोकेशन राजू और गोपी को भेजता था। दोनों बाइक पर कोई सामान बेचने के लिए लोकेशन पर जाने के बाद वहां से आने- जाने के सुरक्षित रास्ते की तलाश करते थे। जिसकी लोकेशन लेने के बाद फिर से मोहम्मद रईस को भेज देते थे। मोहम्मद रईसू: मोहम्मद रईसू फाइनल लोकेशन मिलने के बाद वारदात की प्लानिंग करता था। प्लानिंग करने के बाद अपनी पिकअप में दो साथियों के साथ वहां से रवाना होता। रास्ते से राजू और गोपी बंजारे को साथ लेता। इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद वापस यूपी लौट जाता। जिसके बाद चोरी किए गए पशुओं को पशु मेले में बेच देते। आरोपियों से पूछताछ अभी जारी डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट से रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उनके बाकी साथियों का पता लगाने और चोरी किए गए पशुओं को बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। चोरी की गई भैंस अभी तक बरामद नहीं हो पाई हैं।
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