अमृतसर| केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के हरिके पत्तन में होने वाली अरदास पर दिए गए बयान के बाद एसजीपीसी के सदस्य भाई मनजीत सिंह ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में की जाने वाली अरदास कभी भी किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह पूरी मानवता की भलाई के लिए होती है। हर दिन की सिख प्रार्थना के अंत में नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला’ की प्रार्थना की जाती है, जिसमें हिंदुओं, सिखों, मुसलमानों, ईसाइयों, पारसियों और बौद्धों सहित पूरी मानवता की भलाई की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि 14 तारीख को हरिके पत्तन में होने वाली प्रार्थना भी उन सभी लोगों की याद में है जो पंजाब के संघर्ष के दौरान लापता हो गए या अपनी जान गंवा बैठे। इसे किसी एक वर्ग से जोड़कर देखना सही नहीं है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू से अपील की कि वे ऐसे बयानों से बचें जो पंजाब के सांप्रदायिक माहौल पर असर डालते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान आपसी भाईचारे और एकजुटता से है और लोग शांति और एकता के साथ रहना चाहते हैं। इसलिए, धार्मिक या सांप्रदायिक रंग देने वाले बयान समाज के हित में नहीं हैं। भाई मंजीत सिंह ने कहा कि संघर्ष के दौरान मारे गए या लापता हुए लोगों से जुड़े कई रिकॉर्ड और दस्तावेज सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि उस दौर में अलग-अलग समुदायों के लोग प्रभावित हुए थे और हर पीड़ित परिवार के दुख को समान संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए। उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “सतलुज’ का भी जिक्र किया और कहा कि ऐतिहासिक विषयों पर बनी फिल्में लोगों को उस समय के हालात समझने का मौका देती हैं।
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रवनीत बिट्टू सांप्रदायिक बयानबाजी से बचें: मनजीत







