फतेहाबाद जिले की रतिया नगर पालिका की चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच बुधवार देर शाम पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में समझौता बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले में समन्वय के लिए हांसी के विधायक विनोद भ्याना को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बैठक में रतिया के विधायक जरनैल सिंह, विधायक विनोद भ्याना, चेयरपर्सन प्रतिनिधि कालू खन्ना तथा नगर पालिका के पार्षद मौजूद रहे। माफी मांगने के मुद्दे पर हुआ विवाद बैठक के दौरान चेयरपर्सन प्रतिनिधि कालू खन्ना द्वारा अपनी गलती स्वीकार कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के मुद्दे पर विवाद खड़ा हो गया। पार्षदों का कहना था कि समझौते की मुख्य शर्त यही थी कि कालू खन्ना मीडिया के सामने अपनी गलती स्वीकार करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इस पर बैठक में तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति बन गई। नाराज पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में शहर का विकास प्रभावित हुआ है, इसके बावजूद चेयरपर्सन प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। इसी कारण उन्होंने समझौते से इनकार करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया और वहां से चले गए। रतिया विधायक ने किया पार्षदों का समर्थन बैठक के बाद रतिया के विधायक जरनैल सिंह ने भी पार्षदों का समर्थन करते हुए कहा कि समझौते के लिए कालू खन्ना को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए थी। जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो समझौते की संभावना समाप्त हो गई। विधायक ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पार्षदों के साथ हैं और उनकी भावनाओं से सहमत हैं। बैठक बेनतीजा रहने के बाद अब नगर पालिका चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला फिर से राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। अब सभी की नजर आगामी घटनाक्रम और अविश्वास प्रस्ताव की अगली प्रक्रिया पर टिकी हुई है। इस बैठक में 14 पार्षद मौजूद रहे
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रतिया के PWD रेस्ट हाउस में समझौता वार्ता विफल:अविश्वास प्रस्ताव पर नहीं बनी सहमति, मुख्यमंत्री की पहल पर बुलाई गई थी मीटिंग
