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यमुनानगर में शूटरों को हुआ पछतावा:बोले- गैंगस्टरों के बहकावे में बर्बाद हुई जिंदगी; दो दिन के रिमांड पर, अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार




यमुनानगर के जठलाना स्थित पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की प्लाईवुड फैक्ट्री पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार शूटर हर्ष और अभिषेक को पुलिस ने पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों को निशानदेही के लिए उसी फैक्ट्री पर लेकर पहुंची, जहां 30 मार्च की रात फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और गैंगस्टर नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। वारदात के बाद विदेश बुलाने का दिया था लालच निशानदेही के दौरान दोनों आरोपी अपने किए पर पछतावा करते नजर आए। आरोपी अभिषेक ने बताया कि वह आठवीं पास है और उसकी उम्र करीब 20 वर्ष है। उसने कहा कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों ने उन्हें पैसों का लालच दिया था और विदेश भेजने का भरोसा दिलाया था। इसी बहकावे में आकर उन्होंने अपराध का रास्ता अपनाया। अब उन्हें अपनी गलती का अहसास हो चुका है और समझ आ गया है कि गलत काम का अंजाम भी गलत ही होता है। वहीं, आरोपी हर्ष ने भी कहा कि गैंगस्टरों के झांसे में आकर उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई। उसे विश्वास दिलाया गया था कि एक वारदात के बाद उसकी पूरी जिंदगी सेट हो जाएगी और उसे कभी काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आरोपी हर्ष को पुलिस इससे पहले कांजनू के पास भी निशानदेही के लिए लेकर जा चुकी है, जहां मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। घायल होने के कारण वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था और उसे तपती धूप में करीब 20 मीटर तक घिसटते हुए पुलिस को घटनास्थल की जानकारी देनी पड़ी। अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार एसआई सतीश के अनुसार इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपियों में कुरुक्षेत्र के गांव सुनहेड़ी खालसा निवासी अमन उर्फ काकू, हर्ष और अभिषेक शामिल हैं। इनके अलावा रादौर निवासी लवीश उर्फ लक्की को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिस पर शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों शूटर विदेश में बैठे गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े कार्तिक पंडित के संपर्क में थे। उसके कहने पर ही 30 मार्च की रात पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की फैक्ट्री पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। घटना स्थल से पुलिस ने आठ गोलियों के खोल बरामद किए थे। घटना के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर नोनी राणा और शुभम पंडित ने पोस्ट डालकर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी और इसे चेतावनी बताते हुए धमकियां भी दी थीं। अमन ने पुलिस कस्टडी से भागने के लिए लगाई थी पुल से छलांग इस मामले में सबसे पहले 8 अप्रैल को अमन उर्फ काकू को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे हथियारों और अन्य सबूतों की बरामदगी के लिए लेकर जा रही थी, तब उसने पुलिस को चकमा देकर खजूरी पुल से छलांग लगा दी थी। पुल से कूदने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को सूचना मिली थी कि हर्ष और अभिषेक किसी नई वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। 10 अप्रैल की रात दोनों आरोपी कार्तिक पंडित के कहने पर कांजनू के पास नहर की पटरी पर बाइक से पहुंचे थे। सूचना के आधार पर सीआईए और पुलिस टीमों ने इलाके में घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने के लिए कहने पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से करीब 14 से 15 राउंड गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में हर्ष के पैर में गोली लगी, जबकि अभिषेक को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्टल और एक बाइक भी बरामद की थी।



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