यमुनानगर जिला जेल में बंद 26 वर्षीय युवक की शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव ईशरपुर निवासी राहुल सैनी पुत्र श्याम लाल के रूप में हुई है। राहुल की मौत के बाद सिविल अस्पताल में पहुंचे परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि राहुल को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, राहुल को पेट दर्द की शिकायत होने पर जिला जेल से शुक्रवार सुबह इलाज के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे और मॉर्च्युरी के बाहर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि राहुल की मौत पहले ही हो चुकी थी, बाद में उसे अस्पताल लाया गया। ऐसे में परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद पोस्टमार्टम हो सका। दो दिन से तलाश रहे थे परिजन मृतक के मामा रिंपी सैनी ने बताया कि राहुल काला कबाड़ी के पास ड्राइवर का काम करता था। वह 7 जुलाई को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजन उसे रिश्तेदारियों और अन्य स्थानों पर तलाशते रहे। शुक्रवार सुबह पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि राहुल की मौत हो गई है। रिंपी सैनी का कहना है कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया था कि राहुल जेल में बंद है और किस मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस से पूछने पर पता चला कि 19 जून को जिला जेल के पास एक ढाबे पर हुए झगड़े के मामले में ढाबा संचालक की शिकायत पर उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में 7 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेजा गया था। परिजनों ने सूचना न देने का लगाया आरोप परिजनों का आरोप है कि राहुल तीन दिन से जेल में बंद था, लेकिन पुलिस या जेल प्रशासन ने उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी। उनका कहना है कि शुक्रवार सुबह करीब 7:20 बजे राहुल को अस्पताल लाया गया और कुछ ही मिनट बाद 7:24 बजे उसका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह पैदा होता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि राहुल की मौत जेल में हुई है और पुलिस वास्तविक कारण छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने इस बात को लेकर अस्पताल में हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि राहुल काफी समय से पीलिया से पीड़ित था। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जेल अधीक्षक बोले- परिजनों से संपर्क की कोशिश की थी जिला जेल के अधीक्षक (एसपी) सतेंद्र कुमार ने बताया कि राहुल को 7 जुलाई को मारपीट के एक मामले में जिला जेल लाया गया था। गुरुवार को उसने पेट दर्द की शिकायत की थी, जिस पर जेल के डॉक्टर को बुलाकर उसे दवा दी गई। इसके बाद वह अपनी बैरक में लौट गया। शुक्रवार सुबह राहुल ने दोबारा तबीयत खराब होने की शिकायत की। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल रेफर करने की सलाह दी। जेल प्रशासन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सतेंद्र कुमार ने बताया कि जेल में दाखिल करते समय राहुल से परिजनों का मोबाइल नंबर लिया गया था, लेकिन वह नंबर लगातार स्विच ऑफ मिला। इसी कारण उसके परिजनों से संपर्क नहीं हो सका।
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यमुनानगर-जेल के बंदी की अस्पताल में मौत, परिजनों का हंगामा:बोले- हमें गिरफ्तारी की भी सूचना नहीं थी, सीधे मौत का पता चला
