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मोदी के जींद दौरे से पहले LED स्क्रीन पर पथराव:कुरुक्षेत्र में रात 2 बजे हमला; BJP मंडलाध्यक्ष बोले- स्वागत अभियान रोकने की साजिश




हरियाणा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जींद दौरे और कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के उद्घाटन से पहले शहर में लगी LED स्क्रीन की तोड़फोड़ की गई। इन स्क्रीन को प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए शहर के अलग-अलग जगहों पर लगाया गया था। यहां सब की सब 9 LED स्क्रीन पर पथराव किया। इसमें 12 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। घटना को रात 2 से 3 बजे के बीच अंजाम दिया गया। इस प्रोजेक्ट को हेंडल कर रहे BJP युवा मोर्चा थानेसर के मंडल प्रधान विश्वकांत शर्मा को इसकी भनक लगी, तो वे रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गए। हालांकि उनके आने तक LED स्क्रीन को डैमेज हो चुकी थी। रात 8 बजे चली थी मोदी के स्वागत की एड विश्वकांत शर्मा ने बताया कि बुधवार रात करीब 8 बजे शहर की LED स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जींद कार्यक्रम के स्वागत में ऐड चलाई गई थी। इसमें सांसद नवीन जिंदल और पूर्व मंत्री सुभाष सुधा की ओर से शुभकामना संदेश दिखाया जा रहा था। इन ऐड मोदी जी का सपना, एलिवेटेड ट्रैक हुआ अपना और हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ का संदेश भी दिखाया था। 2 से 3 बजे के बीच आया बाइक सवारों का गैंग रात करीब 2 से 3 बजे के बीच तीन युवक बाइक पर आए। तीनों ने अपने चेहरे काले कपड़े से ढके हुए थे। सबसे पहले सिविल अस्पताल के सामने लगी LED स्क्रीन पर ईंट-पत्थर बरसाए। इसके बाद शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगी स्क्रीन को निशाना बनाया। 9 लोकेशन पर टूटी मिली LED पहले उनको लगा कि एक ही LED स्क्रीन क्षतिग्रस्त हुई है, लेकिन बाद में जांच की गई तो 9 अलग-अलग लोकेशन पर स्क्रीन टूटी मिलीं। सुबह टेक्निकल टीम ने सभी स्क्रीन की जांच की। जांच में सामने आया कि 96 LED मॉड्यूल और पावर सप्लाई सिस्टम पूरी तरह खराब हो चुके हैं। 12 लाख से ज्यादा का नुकसान विश्वकांत शर्मा ने बताया कि मॉड्यूल और सप्लाई बदलने का खर्च करीब 9 लाख रुपए आएगा। इसके अलावा लेबर और अन्य खर्च जोड़कर कुल नुकसान करीब 12 से 13 लाख रुपए बैठता है। इसमें 3 LED स्क्रीन इतनी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं कि उनमें शॉर्ट सर्किट हो गया है। सरकारी योजनाओं का प्रचार रोकने की कोशिश विश्वकांत ने कहा कि यह हमला किसी निजी दुश्मनी का नहीं बल्कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम और सरकार की उपलब्धियों के प्रचार को रोकने की कोशिश है। शहर में फ्लैक्स बोर्ड सैकड़ों की संख्या में लगे हैं, जिन्हें नुकसान पहुंचाना आसान नहीं था। इसलिए हमलावरों ने LED स्क्रीन को निशाना बनाया, ताकि एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और हाइड्रोजन ट्रेन से जुड़ा प्रचार लोगों तक न पहुंच सके। ब्लॉक-पत्थर से तोड़ी गई जिस तरह से ईंट और सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले ब्लॉक LED स्क्रीन पर फेंके गए, उससे साफ है कि हमलावर स्क्रीन पूरी तरह तोड़ना चाहते थे। अगर उस समय हमारा कोई कर्मचारी स्क्रीन की मरम्मत या किसी काम से वहां मौजूद होता तो उसकी जान भी जा सकती थी। अस्पताल के बाहर हुआ पहला हमला उन्होंने बताया कि सबसे पहले सिविल अस्पताल के सामने लगी LED स्क्रीन को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा थीम पार्क, मोहन नगर, सेक्टर-5, सेक्टर-7, पुलिस लाइन, पिपली चौक, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सेकंड और थर्ड गेट पर LED स्क्रीन लगाई गई थी। सभी को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके बाद सभी स्क्रीन की जांच की गई तो शहर के अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ सामने आई। 10 साल का कॉन्ट्रैक्ट, ढाई करोड़ का प्रोजेक्ट विश्वकांत शर्मा ने बताया कि इस BOT (बिल्ट, ऑपरे एंड ट्रांसफर) प्रोजेक्ट को लगाने पर करीब ढाई करोड़ रुपए का खर्च हुआ था। कंपनी ने 10 के लिए उनके साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है। इसका कॉन्ट्रैक्ट वर्ष 2030 तक है। करीब 6 साल से LED स्क्रीन का संचालन सही चल रहा था। इससे पहले कोई घटना नहीं हुई। प्रशासन से कार्रवाई की मांग विश्वकांत शर्मा ने प्रशासन से मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।



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