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चंडीगढ़ | ये सिलाई मशीन देखकर आपको जो याद आए, आपका उससे नाता कुछ वैसा ही है। हो सकता है इसे देखते ही आपको दादी का चश्मा लगाकर मशीन में धागा डालना याद आए। मां का आपके कपड़ों को टांका लगाना और इसकी आवाज़ सुनाई दे। अगर घर में कभी मशीन नहीं देखी तो घर के पास का बूटीक या सड़क किनारे ऑल्टर करने वाले दर्जी की झलक भी दिख सकती है। अगर आप किसी काम की तलाश में हैं, तो भी यह मशीन आपको एक उम्मीद देगी अपना कुछ काम करने की। इसे नई दिल्ली की मोनिका ने चारकोल मीडियम से दिखाया और टाइटल दिया है क्रिएशन यानी रचना। इस एक मशीन से कितने नए डिजाइन की सृजना की जा सकती है।
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मशीन के पीछे कई यादों की झलक







