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मजीठा में बिजली संकट पर आधी रात लोगों का प्रदर्शन:बिजलीघर का किया घेराव; मजीठिया बोले-केजरीवाल की आवाभगत में जुटी सरकार




अमृतसर के मजीठा हलके में लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। बिजली की समस्या से परेशान होकर गांवों के लोग देर रात एकजुट होकर बिजली घर पहुंच गए और अधिकारियों के खिलाफ अपना रोष जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके विरोध के बाद ही बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू की गई। ग्रामीणों का कहना है कि मजीठा क्षेत्र के गांवों में लंबे समय तक बिजली गुल रहती है, जबकि पास के जंडियाला इलाके में नियमित रूप से बिजली मिल रही है। लोगों का आरोप है कि उनके क्षेत्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली की कमी के कारण किसान परेशान गांव बाबोवाल के एक किसान ने बताया कि वे खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं और बिजली की कमी के कारण उनका काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि रात करीब 11 बजे मजबूरी में सभी ग्रामीण बिजली घर पहुंचे, क्योंकि कई घंटों से बिजली नहीं थी। उनका यह भी कहना है कि इससे पहले भी दोपहर करीब 4 बजे ग्रामीण बिजली घर पहुंचे थे, जिसके बाद कुछ समय के लिए बिजली चालू कर दी गई थी, लेकिन फिर वही समस्या सामने आ गई। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि मजीठा क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और गांवों के साथ किसी तरह का भेदभाव न किया जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन करने के लिए वे मजबूर होंगे। मजीठिया ने सरकार पर साधा निशाना शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो साझा कर पंजाब सरकार से बिजली संकट को लेकर जवाब मांगा है। अपने पोस्ट में मजीठिया ने कहा कि पंजाब के विभिन्न इलाकों, खासकर मजीठा क्षेत्र में घंटों लंबे बिजली कटों के कारण धान की फसल लगाने वाले किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मोटरें बंद पड़ी हैं, जनरेटर चलाने पड़ रहे हैं और आम लोग भी बिजली संकट से जूझ रहे हैं। मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी दावा किया था कि धान की रोपाई मोटरें बंद रखकर भी की जा सकती है, लेकिन आज किसानों के पास कोई विकल्प नहीं बचा क्योंकि उन्हें पर्याप्त बिजली ही नहीं मिल रही। अपने पोस्ट के अंत में मजीठिया ने कहा कि सरकार जहां अरविंद केजरीवाल को वीआईपी सुविधाएं देने में व्यस्त है, वहीं पंजाब के किसान अपने खेतों में बिजली आने का इंतजार करने को मजबूर हैं।



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