भिवानी के गांव पुर निवासी मोनू शर्मा व चरखी दादरी जिले के गांव रणकौली निवासी प्रवीण शर्मा मध्य प्रदेश के जबलपुर में शनिवार शाम तेज रफ्तार हाईवा डंपर और स्कॉर्पियो की टक्कर के बाद लगी आग में जिंदा जल गए। दोनों आपस में जीजा-साला थे और स्कॉर्पियो में सवार होकर वापस घर लौट रहे थे। आते समय रास्ते में यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, गांव पुर निवासी करीब 40 वर्षीय मोनू शर्मा ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। मोनू करीब 10 दिन पहले अपने बच्चों को बौंदकला छोड़कर प्रवीण के साथ फ्लाइट में गए थे। मोनू के भाई सुंदर शर्मा ने बताया कि वे 3 भाई थे और तीनों ट्रांसपोर्टर हैं। उसके भाई मोनू का बहादुरगढ़ में राधिका कार्गों मूवर नाम से ट्रांसपोर्ट है। वे परिवार के साथ बहादुरगढ़ में ही रहते थे। मोनू के दो बेटे हैं, जो आठवीं व छठी कक्षा में पढ़ते हैं। शनिवार लगभग साढ़े 8 बजे उन्हें इस घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सोनू शर्मा व अन्य परिजन मोनू के शव लेने के लिए गए। 2011 में नौकरी करने गए थे पुडुचेरी वहीं, चरखी दादरी के गांव रणकौली निवासी उपेंद्र ने बताया कि वह करीब 33 वर्षीय मृतक प्रवीन का दोस्त है। प्रवीन की शादी 2013 में हुई थी और उसको दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा 9 साल का और छोटी बेटी 2 साल की है। प्रवीण 2011 में अपने ट्रांसपोर्टर चाचा ईश्वर शर्मा के पास पुडुचेरी गए थे। जहां पर उन्होंने काम किया। वहीं 2018 में उन्होंने रायपुर में खुद का ट्रासंपोर्ट खोल लिया। फिलहाल वह कमीशन पर काम करते थे। बीते शनिवार को प्रवीन घर से रायपुर गए थे। इसी बीच उसके जीजा गांव पुर निवासी मोनू शर्मा भी वहां पर चले गए और दोनों ही स्कॉर्पियो में सवार होकर लौट रहे थे। दोस्त बोला- रविवार को पहुंचने की बात कही थी उपेंद्र ने बताया कि प्रवीन के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। उनकी मां निधन तब हो गया था, जब प्रवीन करीब 2 साल का था। फिलहाल वह करीब 10-15 दिन रुकने के लिए घर आ रहा था। उसकी करीब डेढ़ बजे बात हुई थी, तब प्रवीन ने कहा था कि वह आ रहा है, रास्ते में है। कल (रविवार) को दिन में पहुंच जाएगा। वहीं, गांव रणकौली के सरपंच प्रेम सिंह ने बताया कि प्रवीण अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था, जो काफी मिलनसार था। जानें…हादसे की पूरी जानकारी मध्य प्रदेश के जबलपुर में शनिवार शाम तेज रफ्तार हाइवा डंपर और स्कॉर्पियो की टक्कर हो गई। हादसे के बाद स्कॉर्पियो में आग लग गई और सवार दोनों युवक वाहन के अंदर ही फंस गए। जिसके कारण दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा जबलपुर से करीब 30 किमी दूर बरेला के शारदा मंदिर के पास हुआ। वहां के एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम बरेला थाना पुलिस को शारदा मंदिर के पास सड़क हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो प्रारंभिक जांच में पता चला कि मंडला की ओर जा रही स्कॉर्पियो एक ट्रक को ओवरटेक कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे हाइवा से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर के बाद भी डंपर ड्राइवर ने वाहन नहीं रोका। स्कॉर्पियो करीब 500 मीटर तक सड़क पर घिसटती रही। इसी दौरान वह आगे खड़े एक अन्य वाहन से टकरा गई, जिससे आग और भड़क गई। देखते ही देखते पूरी स्कॉर्पियो आग की चपेट में आ गई। वह दोनों भारी वाहनों के बीच फंस गई। आधा किलोमीटर तक घसीटता रहा डंपर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद भी डंपर ड्राइवर ने वाहन नहीं रोका। स्कॉर्पियो करीब 500 मीटर तक सड़क पर घिसटती रही। इसी दौरान वह आगे खड़े एक अन्य वाहन से टकरा गई। जिससे आग और भड़क गई। देखते ही देखते पूरी स्कॉर्पियो आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दोनों लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। वे स्कॉर्पियो के अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने और दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों के कारण सफल नहीं हो सके।
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भिवानी-दादरी के जीजा-साला MP में जिंदा जले:डंपर ने स्कॉर्पियो को मारी थी टक्कर; 2-2 बच्चों के पिता थे; फोन पर कहा था-रास्ते में हैं
