कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में 2 दिन पहले पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी संजय उर्फ दीप रंधावा ने ब्लॉक समिति मेंबर सचिन की हत्या करने की पूरी तैयारी कर चुका था। 20 जून को सचिन पर तलवारों और गंडासी से हत्या की कोशिश करने के बाद आरोपी संजय अपने साथियों के साथ फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी संजय अवैध असला लेकर लौटा था। अब उसका निशाना सचिन निवासी सतोड़ा था। फौजी प्लॉट का रहने वाला संजय 7 जुलाई को सचिन की हत्या की फिराक में घूम रहा था। लेकिन सूचना पाकर CIA-1 की टीम मौके पर पहुंच गई। यहां पुलिस को देखते ही संजय ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पत्नी से बातचीत बनी रंजिश की वजह ब्लॉक समिति के मेंबर सचिन की शिकायत के मुताबिक, उसकी एक आरोपी की पत्नी से बातचीत होती थी। इस बात का आरोपी को पता था, जिस कारण आरोपी उससे रंजिश रखता था। वह 20 जून को उसी आरोपी की पत्नी की एक्टिवा पर अरनैचा गांव से लौट रहा था। तब रास्ते में आरोपी आकाश, संजय, कुलदीप और नवाब ने उसे रोक लिया। नवाब ने कट्टा दिखाकर रोका आरोपी नवाब निवासी तलहेड़ी ने उसे देसी कट्टा दिखाकर रोक लिया। इसी दौरान आरोपियों ने उस पर तलवारों व गंडासी से जानलेवा हमला कर जान से मारने की कोशिश की। यहां अस्पताल में इलाज के बाद परिवार ने उसे चंडीगढ़ में भर्ती कराया था। पुलिस ने हत्या की कोशिश समेत विभिन्न धाराओं में आरोपियों पर केस दर्ज किया था। साथी नवाब भी हथियार समेत गिरफ्तार इस मामले में CIA-1 ने आरोपी नवाब को 7 जुलाई को गिरफ्तार किया। आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसके कब्जे से 315 बोर का एक देसी कट्टा और कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि आरोप 20 जून को सचिन पर हुए जानलेवा हमले में शामिल था। अगली रात संजय की पुलिस से मुठभेड़ CIA-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने बताया कि मंगलवार रात सूचना मिली थी कि संजय उर्फ दीपू रंधावा एनएच-152 पर फूलगढ़ बस स्टैंड के सामने मौजूद है। पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची तो आरोपी ने सीधे फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने तीन राउंड फायर किए। एक गोली टीम के एक पुलिसकर्मी के बेहद करीब से निकल गई। आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार तब पुलिस ने घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की। इसमें एक गोली आरोपी संजय की टांग में घुटने से नीचे लगी। पुलिस ने आरोपी को काबू कर पिहोवा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां से उसे LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र रेफर किया गया। इलाज पूरा होने के बाद कल 8 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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