ब्रिटेन में साल की तीसरी भीषण गर्मी के बीच कर्मचारी घर की उमस में काम करने के बजाय एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। ब्रिटेन के कई हिस्सों में तापमान 40° डिग्री के पार चला गया है। पारंपरिक ब्रिटिश घर गर्मी को रोकने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, जिसके कारण लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ के बजाय एसी लगे दफ्तरों में जाकर काम करना पसंद कर रहे हैं। दफ्तरों में उपस्थिति कोविड के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। लंदन में कंपनियों को ऑफिस स्पेस दिलाने वाली ‘एडॉप्ट वर्कस्पेस’ ने भी कहा कि गर्म मौसम में उनके साथ जुड़े कई सर्विस प्रोवाइडर्स के यहां एसी ऑफिस की डिमांड दोहरे अंकों में बढ़ी है। गौरतलब है कि लंदन में प्रदूषण रोकने के लिए स्थानीय काउंसिलों ने घरों में एसी न लगाने और लगे हुए एसी हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एसी के बजाय पंखे चलाएं और खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें। तीन साल में एसी वाले घरों की संख्या दोगुनी ब्रिटेन में एयर कंडीशनिंग (एसी) वाले घरों की संख्या तीन वर्षों में दोगुनी होकर 40 लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर से काम करने के चलन और बढ़ती भीषण गर्मी के कारण पोर्टेबल पंखों और एसी की मांग में सालाना 79% का उछाल आया है। इन 40 लाख घरों में से 19 लाख में स्थायी एसी इकाइयां लगी हैं। लंदन की फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनी ‘ऑफिस स्पेस इन टाउन’ के मुताबिक ‘रेड अलर्ट’ वाले गर्म दिनों में उनके दफ्तरों में मौजूदगी 75% बढ़ गई। कंपनी के अनुसार लोग घरों में गर्मी से परेशान हैं इसलिए ठंडी जगह चुन रहे हैं, ताकि आराम से काम कर सकें और उनकी कार्यक्षमता बनी रहे।
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ब्रिटेन में भीषण गर्मी:AC वाले दफ्तरों में स्टाफ की मौजूदगी 75% तक बढ़ी, AC ऑफिस की भी डिमांड बढ़ी
