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बुल्गारिया में सड़क हादसे में अजनाला के युवक की मौत:रोजगार के लिए गया विदेश, पार्थिव शरीर पहुंचा घर, नम आंखों से अंतिम संस्कार




रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में सात समंदर पार यूरोपीय देश बुल्गारिया गए अमृतसर के अजनाला क्षेत्र के नौजवान पलविंदर सिंह की एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। चेक रिपब्लिक के कुछ युवकों द्वारा सड़क पर लगाई जा रही अंधाधुंध ‘कार रेस’ की सनक ने पलविंदर समेत कई बेगुनाहों की जान ले ली।
कानूनी प्रक्रियाओं के बाद जब पलविंदर का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव पहुंचा, तो कोहराम मच गया। परिजनों, रिश्तेदारों और भारी संख्या में उमड़े ग्रामीणों ने नम आंखों से लाडले को अंतिम विदाई दी। घर का सामान (ग्रॉसरी) लेने गया था पलविंदर, रेस लगा रही गाड़ियाँ बनीं काल हादसे के वक्त मौजूद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन पलविंदर सिंह अपने कमरे के लिए राशन और ग्रॉसरी का सामान लेने बाजार गया था। सामान खरीदने के बाद वह वापस लौटने के लिए सड़क किनारे खड़ी एक बस के पास इंतजार कर रहा था। एक के बाद एक तीन टक्कर, पांच युवकों की मौत चेक रिपब्लिक नंबर की गाड़ियों में सवार तीन युवक सड़क पर बेहद तेज रफ्तार में आपस में रेस लगा रहे थे। रेस लगा रही पहली तेज रफ्तार कार ने बस को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि बस सीधे पलट गई। इसके तुरंत बाद पीछे से आ रही दूसरी कार भी पलट चुकी बस से टकराई और तीसरी कार अनियंत्रित होकर सीधे बस के भीतर जा घुसी। इस भयानक तिहरे हादसे में पलविंदर सिंह और वहां मौजूद 4 से 5 अन्य युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। परिवार का सपना टूटा: आर्थिक स्थिति सुधारने 1 साल पहले गया था विदेश परिजनों ने रोते हुए बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बेहद तंग थी। परिवार का भविष्य संवारने, कर्ज उतारने और घर की जिम्मेदारियां उठाने के उद्देश्य से पलविंदर करीब एक साल पहले ही बड़े चाव से बुल्गारिया गया था। लेकिन किसे पता था कि साल भर के भीतर ही उसकी मौत की खबर घर आ जाएगी। गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार पलविंदर सिंह की असमय मौत की खबर मिलने के बाद से ही मां-बाप और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। वतन वापसी की लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद आखिरकार उसका पार्थिव शरीर अजनाला पहुंचा। लाडले के अंतिम दर्शनों के लिए पूरे इलाके के लोग एकत्रित हुए। श्मशान घाट पर जब छोटे भाई या परिजनों ने उसे मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। स्थानीय समाजसेवियों ने सरकार से पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने की गुहार लगाई है।



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