पंजाब में सफाई कर्मचारियों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई है। हड़ताल के लंबे खींचने के कारण राज्य के शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस बीच, बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मोगा में एक हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों ने एक विशाल रोष मार्च निकाला और 30 जुलाई को मोगा बंद का ऐलान किया है। नगर निगम मोगा से शुरू हुआ यह रोष मार्च मुख्य बाजार, प्रताप रोड, चैंबर रोड और रेलवे रोड से होते हुए वापस नगर निगम परिसर में समाप्त हुआ। इस प्रदर्शन में विभिन्न किसान जत्थेबंदियों और सामाजिक संस्थाओं ने भी हिस्सा लेकर सफाई कर्मचारियों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बरनाला की घटना की कड़ी निंदा की। शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर लाठी चलाई यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने मांग की है कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों को तत्काल बर्खास्त कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। रोष मार्च के दौरान किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में सरकार से जल्द बातचीत कर उनकी लंबित मांगों का समाधान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का संघर्ष केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़े बुनियादी अधिकारों का भी मुद्दा है। मांगे पूरी होने तक चलता रहेगा आंदोलन यूनियन सचिव रवि सारवान ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता इकबाल सिंह ने भी कहा कि किसान संगठन सफाई कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़े हैं और सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने 30 जुलाई को मोगा बंद का ऐलान करते हुए जिले के व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से इस बंद को सफल बनाने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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बरनाला लाठीचार्ज के खिलाफ सफाईकर्मियों ने निकाला रोष मार्च:20 दिन से हड़ताल के चलते मोगा में कूड़े के ढेर, मांगी पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी
