बठिंडा जिले के थर्मल थाना पुलिस पर एक युवक को अगवा कर बेरहमी से पीटने और झूठे नशा तस्करी के केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। घायल युवक फिलहाल बठिंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती है। इन आरोपों के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित युवक ने दावा किया है कि उसके दोस्त का एक्सीडेंट होने के बाद पुलिस ने जबरन राजीनामा करवाया और दूसरी पार्टी से रिश्वत ली। युवक का आरोप है कि जब उसने पुलिसकर्मियों की कथित तौर पर पैसे लेते हुए वीडियो बनाई, तो पुलिस ने उसे बोलेरो में उठाकर थाने ले जाकर बेरहमी से पीटा। युवक के अनुसार, उसे 10 ग्राम चिट्टा डालकर झूठा केस बनाने की धमकी दी गई और खाली कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। युवक के नाक और कान पर मुक्के मारे पीड़ित की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे के नाक और कान पर मुक्के मारे, जिससे खून बहने लगा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके बेटे को नशेड़ी कहा, जबकि वह बिजली का काम करता है और रात में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी भी करता है। मां ने यह भी बताया कि उनके बेटे को दौरे की बीमारी है और वह नियमित रूप से दवा लेता है। उनका आरोप है कि मारपीट के बाद धोखे से राजीनामे पर हस्ताक्षर करवाकर उसे छोड़ा गया। मामले की जांच कर रही पुलिस डीएसपी सिटी-2 ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि जांच के लिए एक अधिकारी को अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायरल वीडियो, रिश्वत लेने, मारपीट करने और झूठे केस की धमकी जैसे सभी आरोपों की गहनता से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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