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फरीदाबाद के 3 दोस्तों की जम्मू में एक्सीडेंट में मौत:2 गंभीर, बस ने कार को मारी टक्कर; पांचों घूमने गए थे




फरीदाबाद में बल्लभगढ़ की भूदत्त कॉलोनी से जम्मू-कश्मीर घूमने निकले 5 दोस्तों का सफर हादसे में बदल गया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा के पास रविवार तड़के उनकी कार की एक बस से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि 3 युवकों की जान चली गई, जबकि 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान भूदत्त कॉलोनी निवासी शक्ति सिंह चौधरी, मोहित वर्मा और सिकंदर सैफी के रूप में हुई है। वहीं घायल दीपक वर्मा और कुलदीप शर्मा का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचना मिलने पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने परिजनों को फोन कर हादसे की जानकारी दी, जिसके बाद परिवारों में कोहराम मच गया। मृतकों के परिजन जम्मू के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार का इकलौता सहारा था मोहित हादसे में जान गंवाने वाले मोहित वर्मा अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी 2 बहनें हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार सदमे में डूब गया। बताया जा रहा है कि पिता सुनील वर्मा बेटे की मौत की सूचना सुनकर बेहोश हो गए। मोहित अपने पिता के साथ ज्वेलर कारोबार संभालते थे और घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाते थे। हादसे में घायल दीपक वर्मा उनके चचेरे भाई हैं। दुबई से लौटकर शुरू किया था नया कारोबार मृतकों में शामिल शक्ति सिंह चौधरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रहने वाले थे। वह भूदत्त कॉलोनी में किराए पर रहते थे। जानकारी के मुताबिक, शक्ति दुबई में नौकरी करते थे और कुछ समय पहले भारत लौटे थे। वापस आने के बाद उन्होंने बिजली के सामान का व्यवसाय शुरू किया था। वहीं सिकंदर सैफी बाइपास क्षेत्र में कार मेकेनिक का काम करते थे। उनके पिता बसीर लकड़ी के काम से परिवार का पालन-पोषण करते हैं। जम्मू घूमने जा रहे थे पांचों दोस्त बताया जा रहा है कि पांचों दोस्त कार से जम्मू-कश्मीर घूमने के लिए निकले थे। नगरोटा के पास उनकी कार सामने से आ रही तेज रफ्तार बस की चपेट में आ गई। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। भूदत्त कॉलोनी में पसरा सन्नाटा 3 युवकों की एक साथ मौत से भूदत्त कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गई है। पड़ोसियों के मुताबिक, सभी युवक मिलनसार स्वभाव के थे और इलाके में उनकी अच्छी पहचान थी। किसी के साथ उनका कोई विवाद नहीं था। हादसे के बाद पूरे दिन कॉलोनी में मातम का माहौल बना रहा। कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला और लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए।



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