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प्रॉपर्टी आईडी में भ्रष्टाचार के आरोपों की होगी जांच:फरीदाबाद निगम ज्वाइंट कमिश्नर को सौंपी जिम्मेदारी, तीन दिन में देनी होगी पूरी रिपोर्ट




नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े मामलों में कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। एनआईटी जोन के (जेडटीओ) कार्यालय के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम कमिश्नर ने ज्वाइंट कमिश्नर अनिल यादव को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें तीन दिनों के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट कमिश्नर और मेयर प्रवीण बत्रा जोशी को सौंपनी होगी। समाधान शिविर में मिली थी शिकायत मेयर के समाधान शिविर में पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में लोगों ने शिकायतें दर्ज कराईं कि प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां ठीक कराने, नई आईडी बनवाने और रिकॉर्ड अपडेट करने के नाम पर कर्मचारियों द्वारा अवैध रूप से पैसे मांगे जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि रकम नहीं देने पर उनके आवेदन लंबित रखे जाते हैं या निरस्त कर दिए जाते हैं। सीएम हाउस तक कर चुके है शिकायत डबुआ कॉलोनी निवासी पुष्कर ने आरोप लगाया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी में मौजूद खामियां लंबे समय से दूर नहीं की जा रही हैं और कार्यालय के कर्मचारी इसके लिए रुपये मांग रहे हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचाई है। वहीं गाजीपुर निवासी सीमा ने भी मेयर को शिकायत देकर आरोप लगाया कि आईडी से जुड़े कार्यों के बदले धन की मांग की जाती है और विरोध करने वालों के आवेदन रद्द कर दिए जाते हैं। जवाहर कॉलोनी की ममता ने भी शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी प्रॉपर्टी आईडी में नाम गलत दर्ज हो गया है। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ और अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। साढ़े सात लाख प्रॉपर्टी आईडी तैयार की गई थीं बताया जा रहा है कि पूर्व में याशी कंपनी द्वारा करीब साढ़े सात लाख प्रॉपर्टी आईडी तैयार की गई थीं, जिनमें बड़ी संख्या में तकनीकी और रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियां सामने आई हैं। इन्हीं खामियों को ठीक कराने के लिए नागरिकों को बार-बार नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। तीन दिन मे पूरी करनी होगी जांच मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम कमिश्नर को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रॉपर्टी आईडी में सुधार में देरी क्यों हो रही है और यदि किसी कर्मचारी की रिश्वत मांगने में भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि ज्वाइंट कमिश्नर को तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



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