सोनीपत पुलिस ने केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे पर पुलिसकर्मी बनकर कैंटर चालक से नकदी लूटने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहनकर चालक को झांसे में लिया और उसके पास मौजूद नकदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि वारदात के पीछे सुनियोजित साजिश थी और आरोपियों को पहले से सूचना थी कि स्क्रैप कारोबारी और चालक इस रास्ते से बड़ी रकम लेकर गुजरते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह और वारदात में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस मामले में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली से रकम लेकर लौट रहा था कैंटर चालक एसीपी मलकीत सिंह ने बताया कि पीड़ित अमित कैंटर चालक है। वह 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश से पुरानी बैटरियों का स्क्रैप लेकर दिल्ली पहुंचा था। दिल्ली में स्क्रैप बेचने के बाद वह बिक्री की रकम लेकर अपने मालिक को देने के लिए वापस लौट रहा था। शाम करीब पांच बजे जब अमित केएमपी हाईवे पर कुंडली बॉर्डर के पास पहुंचा तो दो बाइक सवार युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। इनमें से एक युवक ने उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए पहले चालक से पूछताछ की और फिर उसे अपने झांसे में लेकर उसके पास मौजूद नकदी लूट ली। वारदात के बाद थाने जाने की सलाह देकर हुए फरार लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पीड़ित से थाने जाकर शिकायत करने की बात कहकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद चालक ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पीड़ित की शिकायत पर 14 जुलाई को मामला दर्ज किया गया। जांच के लिए सोनीपत पुलिस ने क्राइम यूनिट और एसयूएजी (Special Unit Against Gangsters) की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचनाओं और लगातार छानबीन के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कर्ज उतारने के लिए बनाई थी लूट की योजना एसीपी मलकीत सिंह के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक पर भारी कर्ज था। कर्ज चुकाने के लिए उसने इस लूट की योजना बनाई। आरोपियों को अपने एक परिचित से जानकारी मिली थी कि स्क्रैप कारोबारी और चालक अक्सर इस रास्ते से बड़ी रकम लेकर गुजरते हैं। इसी सूचना के आधार पर पूरी साजिश रची गई। फिलहाल आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाना है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। शुरुआती जांच में यह जरूर सामने आया है कि दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पूरे गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में और कितने लोग शामिल थे तथा इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
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