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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के कृषि विज्ञान केंद्र, पठानकोट ने 1 से 12 जून तक डेयरी फार्मिंग विषय पर एक विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं, किसानों और पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय से संबंधित आधुनिक तकनीकों एवं प्रबंधन कौशलों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डेयरी फार्मिंग के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसमें पशुओं का संतुलित आहार (फीडिंग), बेहतर नस्ल सुधार (ब्रीडिंग), डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य देखभाल तथा डेयरी व्यवसाय के आर्थिक एवं व्यावसायिक पक्ष शामिल थे। विशेषज्ञों ने व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण देकर प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने तथा डेयरी व्यवसाय को लाभदायक ढंग से संचालित करने के गुर सिखाए। वित्तीय सहायता के बारे भी दी जानकारी कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पंजाब ग्रामीण बैंक, पंजाब डेयरी विकास विभाग, पशुपालन विभाग तथा जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया। इन अधिकारियों ने प्रतिभागियों को डेयरी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण सुविधाओं, सब्सिडी योजनाओं तथा अन्य सरकारी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। डेयरी फार्मिंग किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन विशेषज्ञों ने बताया कि डेयरी फार्मिंग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे डेयरी उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को बताया बेहद उपयोगी कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें डेयरी व्यवसाय को वैज्ञानिक तरीके से संचालित करने की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है, जिसका लाभ वे भविष्य में अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में उठाएंगे।
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पीएयू ने युवाओं को सिखाए डेयरी फार्मिंग के गुर:युवाओं, किसानों को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली







