![]()
पानीपत जिले के गांव डिडवाड़ी में एक ब्लीच हाउस को आग लगाने वाले पड़ोसी किसान पर केस दर्ज हो गया है। इस आगजनि में ब्लीज हाउस मालिक का 15 लाख से अधिक का नुकसान हुआ था।पीड़ित का आरोप है कि उसके पड़ोसी ने पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर इस वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 326(f), 324(5) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। धुएं का गुबार देख उड़े होश गांव डिडवाड़ी निवासी ऋषि कौशिक ने पुलिस को बताया कि वह और उसका भाई अपने खेत में लाइसेंसशुदा ब्लीच हाउस चलाते हैं। 28 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे जब वे ब्लीच हाउस पर थे, तो अचानक पश्चिम दिशा में रखे माल से आग और धुआं उठता दिखाई दिया। पड़ोसी अपनी पत्नी संग मौके से भाग निकला शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह आग की ओर दौड़ा तो उसने देखा कि पड़ोस के खेत का मालिक कृष्ण और उसकी पत्नी वहां से भागकर अपने ट्यूबवेल की ओर जा रहे थे। इसके बाद दोनों मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गए। मौके पर मौजूद अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने भी आरोपियों को कपड़ों के ढेर के नीचे आग लगाते हुए देखने की पुष्टि की है। 2 साल पुरानी रंजिश बनी वजह ऋषि ने पुलिस को बताया कि आरोपी कृष्ण पिछले दो साल से उनसे रंजिश रख रहा है। दरअसल, दो साल पहले कृष्ण ने अपने खेत से अवैध मिट्टी उठाई थी और ट्रकों के आने-जाने के लिए ब्लीच हाउस के बीच से रास्ता मांगा था। रास्ता देने से मना करने पर उसने मजा चखाने की धमकी दी थी और इसी रंजिश के चलते उसने जानबूझकर आग लगाकर भारी नुकसान पहुंचाया है। हथकंडे अपनाने और धमकी देने के आरोप इंडस्ट्री मालिक ने खुलासा किया कि रास्ता न देने पर कृष्ण पिछले एक साल से उनके वर्करों को धमका रहा है। इतना ही नहीं, वह इंडस्ट्री को बंद करवाने के लिए विभिन्न विभागों में बार-बार शिकायतें दर्ज करवाता है। ऋषि कौशिक के अनुसार, शिकायत मिलने पर कई विभागों की टीमें इंडस्ट्री में रेड (छापामारी) कर चुकी हैं, लेकिन हर बार विभाग की ओर से उन्हें क्लीन चिट मिली है, क्योंकि उनकी इंडस्ट्री पूरी तरह वैध है। ऋषि ने स्पष्ट किया कि कृष्ण के खेतों में आने-जाने का रास्ता वर्तमान में काफी घूमकर है। अपनी सुविधा के लिए वह सीधा रास्ता हथियाना चाहता है और इसी जोर-जबरदस्ती के चलते उसने 28 अप्रैल को जानबूझकर इंडस्ट्री में आग लगा दी।
Source link
पानीपत में ब्लीच हाउस फूंकने वाले पड़ोसी पर FIR:रंजिशन दंपती आग लगा भागे, रास्ता न देने पर दी थी मजा चखाने की दी थी धमकी







