पानीपत शहर के कृष्णपुरा इलाके में ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। दो अज्ञात ठगों ने खुद को सरकारी नौकरी पाने वाला बताकर पहले मंदिर के पंडित और उनकी पत्नी को अपने जाल में फंसाया और फिर उनकी मदद से एक नामी ज्वैलरी शॉप से करीब 93 हजार रुपए के गहने ठग लिए। ठग गहने अपनी मां को दिखाने के बहाने मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। दान करने के बहाने पहुंचे थे मंदिर विजय ज्वैलर्स के संचालक विजय वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शनिवार दोपहर करीब 2:35 बजे उनके पड़ोस के हनुमान मंदिर के पंडित बालकिशन शर्मा की पत्नी ओमवती उनकी दुकान पर आईं। उनके साथ दो अज्ञात व्यक्ति थे। एक की उम्र करीब 35-40 साल (गुलाबी शर्ट पहने) और दूसरा करीब 15-16 साल का लड़का था। ओमवती ने बताया कि इन व्यक्तियों को मंदिर में दान करने के लिए कुछ जेवरात खरीदने हैं। पंडित को दिखाने के नाम पर ले गए गहने दुकानदार ने उन्हें सोने का एक लोकेट (3.5 ग्राम) और दो जोड़ी चांदी की पायल (155 ग्राम) दिखाई। कुल 93,000 रुपए का सौदा तय हुआ। ठगों ने दुकानदार से कहा कि वे एक बार ये गहने मंदिर में पंडित जी को दिखाकर अभी पैसे लाकर देते हैं। चूंकि दुकानदार पंडित की पत्नी को जानता था, इसलिए उसने विश्वास करके गहने दे दिए। यूं रचा गया ठगी का पूरा ताना-बाना कुछ देर बाद जब ओमवती अकेली दुकान पर वापस आई और पैसे के बारे में पूछा, तब पूरी साजिश का खुलासा हुआ। ओमवती ने बताया कि वह व्यक्ति मंदिर में आया था और उसने कहा था कि उसकी सरकारी नौकरी लग गई है, जिसकी खुशी में वह मंदिर में सोना-चांदी और 11 हजार रुपए दान करना चाहता है। पंडित की पत्नी उसे लेकर दुकान आई थी। दुकान से गहने लेकर वे मंदिर पहुंचे, जहां पंडित को गहने दिखाने के बाद आरोपी ने कहा कि वह एक बार अपनी मां को ये गहने दिखाकर तुरंत वापस आता है। वह अपने छोटे साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर गया और फिर कभी वापस नहीं लौटा। पुलिस कर रही है तलाश काफी देर इंतजार करने के बाद जब पंडित और उनकी पत्नी को ठगी का अहसास हुआ, तो वे दौड़कर ज्वैलर के पास पहुंचे। ठगों ने बड़ी चतुराई से पंडित और ज्वैलर दोनों को अपनी बातों में उलझाकर ठगी को अंजाम दिया। कृष्णपुरा चौकी पुलिस ने विजय कुमार की शिकायत पर अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
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