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पानीपत चुलकाना धाम मंदिर में खोले गए दानपात्र:पहले दिन 1 ही दानपात्र से शुरुआत,15 कर्मचारी जुटे, नोट गिनने की मशीने मंगाई; 22 की होनी है काउंटिंग




हरियाणा के पानीपत के चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा मंदिर में शुक्रवार को दानपात्रों के निकले दान की गिनती शुरू की गई। श्राइन बोर्ड के अधीन आने के बाद यह पहली बार है, जब यहां दानपात्रों की गिनती शुरू की गई है। मंदिर में कुल 22 दानपात्र है, जिन्हें एक-एक करके खोला जाना है। समालखा के SDM अमित कुमार के निर्देश पर BDPO शक्ति सिंह और अकाउंटेंट मदन लाल की देखरेख में 15 सदस्य कमेटी ने दानपात्र की गिनती शुरू की गई। सुबह नौ बजे से शुरू हुई गिनती शाम 6:30 बजे तक भी जारी थी। कमेटी सूत्रों के मुताबिक, आज केवल एक दानपात्र खोला गया था, जिसकी गिनती पूरी नहीं हुई है। सीसीटीवी और पुलिस फोर्स की मौजूदगी यह गिनती जारी है। बीडीपीओ की ओर से बताया गया कि गिनती में चार बैंक कर्मचारियों को भी लगाया गया है। नोट गिनने की मशीन भी मंगाई गई है। पहले दिन के अनुभव के आधार अंदाजा है कि सभी दान पात्रों की गिनती में पांच दिन लग सकते है। चुलकाना धाम में दानपात्रों से निकले दान की गिनती के कुछ PHOTOS… पहले हाथों से, फिर मशीन से हो रही गिनती बीडीपीओ शक्ति सिंह ने बताया कि दानपात्र से निकले नोटों की गिनती पहले हाथों से की जा रही है, उसके बाद मशीन का उपयोग किया जाएगा। बताया कि दानपात्र खोलने वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एसडीएम अमित कुमार ने मंदिर पहुंचकर निरीक्षण किया और दानपात्र खोले जाने वाले स्थान पर एक और कैमरा लगाने का निर्देश दिया। नोटों की गिनती में प्रसाद की वजह से आ रही दिक्क्त बीडीपीओ की माने तो नोट गिनने में दिक्कत आ रही, क्योंकि श्रद्धालु नोटों के साथ दान पात्र में प्रसाद भी डाल देते है। इससे नोटो में चिपचिपाहट है, जिससे गिनने में दिक्कत आ रही है। पुराने नोट और चांदी के सिक्के भी निकल रहे है। कमेटी मेंबर बड़ी सावधानी से नोटों की गिनती कर रहे है। पूरी प्रक्रिया में लगभग पांच दिन लगने की उम्मीद बीडीपीओ ने बताया कि पटवारी विजय और BDPO कार्यालय समालखा के लगभग दो दर्जन कर्मचारियों के साथ-साथ पूर्व प्रधान रोशन लाल, ग्राम सचिव प्रवीण सैनी और सरपंच सतीश ने सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की। श्याम सेवक रवि, सोनू और कालू ने भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। मीडिया को इस गिनती से दूर रखा गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ था श्राइन बोर्ड का गठन इसी साल चुलकाना धाम स्थित प्राचीन श्री श्याम मंदिर के प्रबंधन विवाद का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में समाधान हुआ था। हरियाणा सरकार ने कोर्ट को सूचित किया था कि मंदिर के सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए एक श्राइन बोर्ड का गठन किया जाएगा। इस श्राइन बोर्ड में याचिकाकर्ता संस्था श्री श्याम मंदिर सेवा समिति का एक प्रतिनिधि भी शामिल होगा। सरकार ने यह आश्वासन हाईकोर्ट में दिया। दरअसल, राज्य सरकार ने जनवरी 2025 में समालखा स्थित इस प्राचीन मंदिर के प्रबंधन के लिए श्राइन बोर्ड गठित करने की मंशा जताई थी। इसके खिलाफ श्री श्याम मंदिर सेवा समिति ने 13 जनवरी 2025 को हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें पारंपरिक प्रबंधन और स्थानीय सहभागिता प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई थी। हरियाणा के महाधिवक्ता के मुताबिक, यह विवाद आपसी सहमति से सुलझाया गया था। सरकार ने सुनिश्चित किया था कि श्राइन बोर्ड के गठन में याचिकाकर्ता संस्था की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। याचिकाकर्ता और अन्य निजी पक्षों ने भी इस व्यवस्था पर अपनी सहमति व्यक्त की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि विवाद का समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से हो गया है।



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