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पठानकोट में किसानों ने टोल प्लाजा किया फ्री:अमृतसर-जम्मू रोड स्थित लदपालवां टोल प्लाजा पर धरना, भारत-USA फ्री ट्रेड डील, लैंड पूलिंग और स्टूडेंट आंदोलन को लेकर किया प्रदर्शन




भारत-अमेरिका (USA) के बीच प्रस्तावित ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’, पंजाब सरकार की विवादित ‘लैंड पूलिंग स्कीम’ और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चे (पंजाब चैप्टर) ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त मोर्चे की राज्यव्यापी कॉल के तहत आज पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के घरों का घेराव किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य के सभी टोल प्लाजा को दोपहर तक के लिए पूरी तरह फ्री कर दिया गया है। इसी कड़ी में पठानकोट-अमृतसर रोड स्थित लदपालवां टोल प्लाजा पर किसानों ने रोष प्रदर्शन किया और लोगों का टोल फ्री कर दिया। वहीं, लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि अगर ऑटोमेटिक टोल कट जाए तो संयुक्त किसान मोर्चा से संपर्क किया जाए। ऐसा करने पर टोल प्लाजा पर धरने को बढ़ा दिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के माझा प्रधान बलविंदर सिंह ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगा। बताया कि पूरे पंजाब के टोल प्लाजा को किसानों द्वारा ‘टोल फ्री’ कराया गया है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में भाजपा के बड़े नेताओं के घरों का घेराव कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया जा रहा है। खेती और डेयरी को संकट में डाल रही सरकार बलविंदर सिंह का आरोप है कि केंद्र सरकार भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील को लेकर देश को गुमराह कर रही है। सरकार का दावा है कि इसमें कृषि और डेयरी सेक्टर को बाहर रखा गया है, लेकिन लिखित में कोई जानकारी साझा नहीं की जा रही है।उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा खेती करने वाले पंजाब के किसान हैं। अगर अमेरिका से कृषि उत्पाद फ्री ट्रेड के तहत भारत आते हैं, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब को होगा। हमने कई बार सरकार से लिखित ब्योरा मांगा है कि कौन-से उत्पाद आ रहे हैं और कौन-से दिए जा रहे हैं, लेकिन सरकार कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही है। पंजाब सरकार की ‘लैंड पूलिंग स्कीम’ पूरी तरह खारिज केंद्र के साथ-साथ संयुक्त मोर्चे ने पंजाब सरकार की ‘लैंड पूलिंग स्कीम’ के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। बलविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की इस नीति को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को जमीन बेचनी या खरीदनी होती है, तो किसान आपस में ही एक-दूसरे की जरूरत के हिसाब से जमीन खरीद लेते हैं। वे सरकार को अपनी उपजाऊ जमीन नहीं सौंपेंगे। दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक का कड़ा विरोध किसान मोर्चे ने दिल्ली में नीट (NEET) व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस अत्याचार की भी कड़े शब्दों में निंदा की है। नेताओं ने कहा कि पेपर लीक के कारण रात-दिन पढ़ाई करने वाले योग्य छात्र सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं, जबकि कम नंबर वाले लोग मेरिट में आ रहे हैं। किसानों ने कहा कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने और उन्हें प्रताड़ित करने की बीजेपी सरकार की नीति बेहद शर्मनाक है। आंदोलन को तेज करेंगे किसान बलविंदर सिंह ने दिल्ली के गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधकीय कमेटियों और सिख जत्थेबंदियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने घायल और प्रताड़ित छात्रों के लिए लंगर और रहने-खाने की व्यवस्था की। संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की मान सरकार ने जनविरोधी नीतियां वापस नहीं लीं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



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