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पंजाब से आर्मी की 25 हजार लाइव फीड PAK पहुंचीं:₹35 हजार के लिए फिरोजपुर के 2 युवकों ने जासूसी कैमरा लगवाया, ISI को कंट्रोल दिया




पंजाब पुलिस ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर पाकिस्तान समर्थित नारको और जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस और कपूरथला पुलिस ने गुरुवार को 2 लोगों को अरेस्ट कर जासूसी के लिए लगाए कैमरे, सिम भी पकड़े। ये कैमरे कपूरथला आर्मी केंटोनमेंट एरिया में लगे थे। आरोपियों ने बुटीक की आड़ में यहां खुफिया सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। यहां से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI पाकिस्तान में बैठकर फौज की गतिविधियां देख रही थी। फौज की जानकारी देने वाले आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के रहने वाले संदीप सिंह उर्फ सोनू और सोना सिंह के रूप में हुई है। दोनों नशा तस्कर हैं। ये सीमा पार से नशे की कंसाइनमेंट को ठिकाने लगाने का काम करते थे। बरनाला में जेल जाने के दौरान अन्य तस्करों के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में आए। दोनों ने 35 हजार रुपए के लालच में फौज की जानकारियां देना शुरू की। पिछले 15 दिन से कपूरथला के कांजली में इंस्टॉल इनका कैमरा लगातार 25 हजार बार पाकिस्तान को जानकारी दे चुका था। ये शातिर आरोपी कैसे पकड़े गए? शक के घेरे में कैसे आए? पढ़ें पूरी कहानी… पहले 5 पाइंट में जानें आरोपी कैसे पकड़े गए… अब जानिए, आरोपी काम कैसे करते थे… फिरोजपुर के रहने वाले, तस्करी में शामिल कपूरथला के एसएसपी गौरव तोरा ने बताया कि आरोपी फिरोजपुर के रहने वाले हैं। पहले ये नशा तस्करी करते रहे हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए नशे की खेप आती थी, उसे आगे सप्लाई करने का काम इनका था। इनके पाकिस्तान के साथ पहले ही कॉन्टैक्ट थे। कुछ ऐसे दोषी जो इस समय बरनाला जेल में हैं, उनके जरिए ये लोग पाकिस्तानी एंटिटीज के साथ काम करते थे। एसएसपी ने कहा- जो भी इन्होंने सिम लिए हैं और जो भी मोबाइल फोन इनके पास थे, सभी इंडियन बेस थे। वे हमारे पास आ गए हैं। उनका एनालिसिस भी लगातार चल रहा है और हमारे पास पुख्ता एविडेंस है कि ये लोग इस कार्य में शामिल थे। जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस ने 3 लोग पकड़े करीब महीने पहले एक मॉड्यूल जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस ने भी पकड़ा, जिसमें 3 लोग गिरफ्तार हुए। इन्होंने जालंधर कैंट एरिया में 2 लोकेशन पर कैमरे इंस्टॉल किए थे और इनका हैंडलर भी पाकिस्तान में बैठा फौजी ही था। फौजी के लिए ये लोग पहले तस्करी करते थे और अब जासूसी करने लगे। जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी सिमरन ढींढसा ने बताया कि जासूसी के बदले इन्हें ड्रग भेजने का लालच दिया जाता था। विश्वास जीतने के लिए फौजी ने एक खेप भी भेजी थी जो इन्होंने सफलतापूर्वक ठिकाने लगा दी। जेल में जिसके जरिए ये फौजी के संपर्क में आए, उन लोगों को भी रिमांड पर लाया जाएगा। पाकिस्तान में बैठा फौजी है मास्टरमाइंड नशे की कंसाइनमेंट रिसीव होने के बाद फौजी ने इन्हें नेक्स्ट टास्किंग दी थी कि आर्मी की 2 लोकेशन पर कैमरा लगाने के बदले 40 हजार रुपए और दिए जाएंगे। पूछताछ में इन्होंने 2 लोकेशन पर कैमरे इंस्टॉल करने की बात मानी है और दोनों ही कैमरे जब्त कर लिए गए हैं। कैमरे की इंस्टॉलेशन के बाद ये लोग अमृतसर में ड्रग की सप्लाई देने गए थे जहां ये पकड़े गए। इनसे 1 किलो हेरोइन और 4 पिस्टल पकड़े थे। अमृतसर से कपड़ा लाकर शुरू की थी जासूसी की दुकान पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स ने निर्देश दिए थे कि किसी स्थान को किराए पर लेकर वहां सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए, जिसका मुंह सैन्य प्रतिष्ठानों की तरफ हो। इसी योजना के तहत इन्होंने कांजली रोड पर स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से दुकान किराए पर ली। शक न हो, इसलिए इन्होंने वहां लेडीज सूट का काम शुरू किया और सारा माल अमृतसर से लेकर आए। इस पूरे काम के लिए चाहे दुकान का किराया हो या सामान की खरीदारी, इन्हें पाकिस्तान स्थित इकाई द्वारा फिरोजपुर के एक स्थानीय संपर्क के जरिए पैसे मुहैया कराए गए थे। पुलिस अभी इन लिंक्स का पर्दाफाश करने को लेकर काम कर रही है। साथ ही पाकिस्तानी हैंडलर फौजी की भी जानकारी जुटाई जा रही है।



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