पंजाब सरकार के 3 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सेशन के दौरान राज्य के लोगों को बस हड़ताल का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने सरकार खिलाफ संघर्ष का ऐलान कर दिया। यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह गिल और अन्य नेताओं ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने ऐलान किया कि मांगें न पूरी होने पर 3 से 5 अगस्त तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। 27 जुलाई को पूरे जिला डिपुओं पर गेट रैली होगी। 2267 सरकारी बसे 1100 रूटों पर नहीं चलेंगी
पंजाब सरकार के परिवहन विभाग (पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC) के पास वर्तमान में कुल 2,267 सरकारी बसें हैं और इनका नेटवर्क राज्य के भीतर और अंतरराज्यीय मिलाकर 1,100 से अधिक मुख्य रूटों पर फैला हुआ है। 4 लाख किलोमीटर (सिर्फ पनबस) और करीब 3.5 लाख किलोमीटर (PRTC) का सफर तय करता है। यानी कुल मिलाकर रोजाना 7.5 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की जाती है ।पंजाब रोडवेज/पनबस के पास 18 मुख्य डिपो और PRTC के पास 9 डिपो मौजूद हैं। जिनमें 7,500 से अधिक कर्मचारी (मुलाजिम) काम करते हैं। इस साल अब तक 5 हुआ चक्का जमा फरवरी 2026: राज्यव्यापी चक्का जाम
कच्चे कर्मचारियों ने जेल में बंद साथियों की रिहाई और किलोमीटर स्कीम के विरोध में एक दिन की हड़ताल की। 8,000 से अधिक कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए। होशियारपुर, जालंधर और पठानकोट समेत कई डिपो की बसें पूरे दिन बंद रहीं। 10 जून 2026: अचानक चक्का जाम
किलोमीटर स्कीम के टेंडर के विरोध में दोपहर 12 बजे बसें रोक दी गईं। परिवहन सचिव वरुण रूजम के साथ आपात बैठक के बाद शाम को करीब 6-7 घंटे में हड़ताल वापस ले ली गई। 24-26 जून 2026: तीन दिन की हड़ताल टली
यूनियन ने तीन दिन की राज्यव्यापी हड़ताल का एलान किया था, लेकिन 23 जून को सरकार की ओर से बैठक का न्योता मिलने के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। 8 जुलाई 2026: वेतन वृद्धि को लेकर विरोध
15% वेतन वृद्धि लागू न होने के विरोध में फिरोजपुर समेत सीमावर्ती जिलों में चक्का जाम किया गया। लगभग 97 सरकारी बसें पूरे दिन सड़कों पर नहीं उतरीं। 15 जुलाई 2026: बर्खास्तगी के विरोध में प्रदर्शन
चंडीगढ़ डिपो के कमेटी चेयरमैन की बर्खास्तगी के विरोध में 9 डिपो में आंशिक चक्का जाम किया गया, जिससे करीब 40% बस सेवाएं प्रभावित रहीं।
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