spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

पंजाब में बैंक किसानों की जमीन नहीं कर सकेंगे कुर्क:सरकार ने किसान क्रेडिट पॉलिसी बदली, CM बोले-कर्ज लिमिट बढाई; नई फसलें सूची में शामिल




पंजाब सरकार ने किसानों के लिए 26 साल पहले बनाई किसान क्रेडिट कार्ड पॉलिसी को बदल दिया है। अब उसे किसानों के पक्ष में बनाया है। वहीं, किसानों के लोन की लिमिट बढ़ा दी है। इसमें कई फसलों को शामिल किया गया है। वहीं, सीएम ने कहा कि हमने प्राइवेट बैंकों को भी हिदायत दी है कि किसानों की जमीन जब्त न करे। बल्कि कोई और तरीका अपनाया जाए। वहीं, डिफाल्टरों की सूची में भी किसानों की फोटो न लगाए। ताकि किसान किसी तरह कोई सुसाइड न करे। वही, उन्होंने दावा कि सरकार के प्रयास से किसानों का सुसाइड कम हुए है। इसके लिए एक स्टडी हुई है।
गन्ना किसानों की कर्ज सीमा 44 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए की गई मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि किसानों के लिए फसली कर्ज की सीमा में बढ़ोतरी की गई है। कॉपरेटिव बैंकों में पहले गेहूं की फसल पर प्रति एकड़ 24,380 रुपए तक कर्ज मिलता था, जिसे बढ़ाकर 30,000 रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए पहले कोई अलग ऋण सुविधा नहीं थी, लेकिन अब किसानों को पराली की संभाल के लिए प्रति एकड़ 2,000 रुपए का अतिरिक्त कर्ज मिल सकेगा। सीएम ने बताया कि गन्ना किसानों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। पहले गन्ने की फसल पर कर्ज की सीमा 44,000 रुपए प्रति एकड़ थी, जिसे बढ़ाकर 1 लाख रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है।
बांस और लैमन ग्रास भी कर्ज लिमिट में शामिल
सीएम भगवंत मान ने कहा कि राज्य में कुछ ऐसी फसलें और बागवानी फसलें थीं, जिनके लिए पहले कोई कर्ज सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अब किसानों को इन फसलों पर भी ऋण की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नई तय की गई कर्ज सीमाओं के तहत पोपलर पर 20,000 रुपये प्रति एकड़, बांस (बैंबू) पर 13,000 रुपये प्रति एकड़, जामुन पर 22,000 रुपये प्रति एकड़ और लेमन ग्रास पर 30,000 रुपये प्रति एकड़ तक कर्ज मिल सकेगा। इसके अलावा, लहसुन (गार्लिक) की फसल पर 1,57,372 रुपये प्रति एकड़, प्याज पर 92,686 रुपये प्रति एकड़ और हाईब्रिड टमाटर पर 80,981 रुपये प्रति एकड़ की कर्ज सीमा निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा अन्य विकल्प अपनाने में मदद मिलेगी। अब ड्रैगन फ्रूट पर चिया सीड पर भी लोन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि फलों की खेती को भी पहली बार कर्ज सुविधा के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती पर पहले कोई कर्ज नहीं मिलता था, लेकिन अब इसके लिए 47,000 रुपये प्रति एकड़ की कर्ज सीमा निर्धारित की गई है। इसके अलावा, चिया सीड (Chia Seed) की खेती के लिए पहली बार 16,000 रुपये प्रति एकड़ की कर्ज सीमा तय की गई है। सीएम ने बताया कि मत्स्य पालन (फिशरी) क्षेत्र के लिए भी ऋण सीमा में बढ़ोतरी की गई है। एक श्रेणी में कर्ज सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि दूसरी श्रेणी में इसे बढ़ाकर 5.5 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से खेती के साथ-साथ बागवानी और सहायक कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों को बैक परेशान नहीं करेंगे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पहले कई फसलों पर कर्ज सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को ऋण लेने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाने पड़ते थे। इससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब निजी बैंकों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि किसानों की संपत्ति को कुर्क करने जैसी कार्रवाई से बचा जाए और बकाया वसूली के लिए अन्य विकल्प तलाशे जाएं। सीएम ने कहा कि किसानों के घरों या प्रतिष्ठानों पर छापेमारी और कुर्की जैसी कार्रवाइयों का समाज में भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए सरकार किसानों के हितों की रक्षा करते हुए ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने पर जोर दे रही है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles