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पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस ऐतिहासिक पाठ्यक्रम को औपचारिक रूप से लॉन्च किया है। पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने AI को एक वैकल्पिक विषय के बजाय मुख्य कोर विषय के रूप में शामिल किया।
पांच प्वाइंट में जानिए ऐसे होगी पढ़ाई 1. AI अब कक्षा 1 से 12वीं तक अनिवार्य विषय- पंजाब ने AI को सिर्फ वैकल्पिक स्किल विषय नहीं, बल्कि सभी छात्रों के लिए कोर और अनिवार्य विषय बनाया है। 2. उम्र के हिसाब से पढ़ाई होगी – कक्षा 1-5 में खेल-खेल में कोडिंग और बेसिक कंप्यूटिंग, जबकि 9-12 में डेटा साइंस, AI मॉडल्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसी एडवांस चीजें सिखाई जाएंगी। 3. हर छह महीने में सिलेबस अपडेट होगा:नई तकनीकों और इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार AI का पाठ्यक्रम हर छह महीने में बदला जाएगा, ताकि छात्रों को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का ज्ञान मिले। 4. अगले 15 दिनों में नई किताबें मिलेंगी – शिक्षा विभाग ने AI की नई प्रैक्टिकल आधारित किताबों की छपाई और वितरण शुरू कर दिया है। शिक्षकों के लिए गाइड मैनुअल भी जारी किए जाएंगे। 5. चीन-दक्षिण कोरिया की तर्ज पर तैयारी: सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की AI और डिजिटल शिक्षा देना है, ताकि वे सिर्फ टेक्नोलॉजी उपयोगकर्ता नहीं बल्कि AI क्रिएटर और भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार बन सकें।
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पंजाब में पहली से 12वीं तक AI से पढ़ाई अनिवार्य:देश का पहला राज्य बना, सिलेबस हर 6 महीने में अपडेट; जल्द मिलेंगी नई किताबें







