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पंजाब-चंडीगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट:तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री नीचे पहुंचा, बिजली की डिमांड 14 हजार मेगावाट पहुंची, 41% कम बारिश




पंजाब के हिमाचल से सटे कई जिलों में बारिश होने की वजह से अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अब तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री नीचे पहुंच गया है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज 22 जुलाई को चंडीगढ़ और पंजाब में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के सभी जिलों का तापमान 35.6 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। बठिंडा सबसे गर्म रहा है। आज पंजाब के कुल 20 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), रूपनगर और मोहाली में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अब पंजाब व चंडीगढ़ के मौसम को दो प्वाइंटों में जानिए – 1.मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के ऊपर बारिश कराने वाले दो मौसम सिस्टम सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ इस समय उत्तर भारत से होकर गुजर रही है और इसका असर पंजाब पर भी पड़ रहा है। साथ ही ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब हरियाणा के पास पहुंच गया है, जो पंजाब में नमी वाली हवाएं भेज रहा है। आसान शब्दों में कहें तो पंजाब के ऊपर बारिश के लिए अनुकूल माहौल बना हुआ है। इसलिए अगले 24 घंटे में कई जिलों में बादल छाए रहेंगे, रुक-रुक कर बारिश होगी और कुछ इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। 2.मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने कहा कि आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में बारिश धीरे-धीरे कम होगी, लेकिन पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे मैदानी क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। उनके अनुसार पंजाब में कई जगह अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे मानसून की गतिविधियां और ज्यादा सक्रिय होंगी। 23 जुलाई को पंजाब और हरियाणा के पश्चिमी इलाकों में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है, इसलिए इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना बढ़ी हुई है। बिजली की डिमांड 14,028 मेगावाट बनी रही पंजाब में इस समय करीब 14,028 मेगावाट बिजली की जरूरत है। इसमें से 4,566 मेगावाट बिजली राज्य के अपने बिजलीघरों से बन रही है, जबकि बाकी करीब 9,462 मेगावाट बिजली केंद्र के नेशनल ग्रिड से ली जा रही है। फिलहाल पंजाब ने अपने तय कोटे से 815 मेगावाट कम बिजली ली है, इसलिए बिजली व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।



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