पंचकूला के सेक्टर-20 निवासी 73 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी के साथ शेयर मार्केट में मुनाफा दिलाने के नाम पर 49.31 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को कोटक सिक्योरिटीज से जुड़ा बताकर फर्जी एप के जरिए पीड़ित से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई और बाद में पैसे निकालने पर भारी चार्ज मांगने लगे। साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को दी शिकायत में ईश्वर चंद्र ने बताया कि वे पंजाब वायरलेस सिस्टम से वर्ष 2000 में रिटायर हुए थे। 20 जनवरी 2026 को इंस्टाग्राम पर शेयर मार्केट में नुकसान रिकवर करने से जुड़ी एक वीडियो देखी। वीडियो में दिए गए वॉट्सएप नंबर पर क्लिक करने के बाद उन्हें “अन्विका मेहता ट्रेडिंग” नाम के ग्रुप में जोड़ लिया गया। यहां से उन्हें शेयर खरीदने के टिप्स दिए जाने लगे। अलग-अलग वॉट्सएप ग्रुप्स में जोड़ा इसके बाद उन्हें अलग-अलग वॉट्सएप ग्रुप्स में जोड़ा गया, जिनमें “A289-Kotak Outlook Roundtable” और “कोटक सिक्योरिटी हेल्प स्पोर्ट” शामिल थे। आरोपियों ने खुद को कोटक से जुड़ा बताते हुए “प्राइमरी ट्रेडिंग अकाउंट” खोलने का झांसा दिया और एक लिंक के जरिए फर्जी एप डाउनलोड करवाई। एप में दिखाया करोड़ों का बैलेंस, लालच में फंसे पीड़ित पीड़ित के अनुसार, ऐप में उन्हें भारी मुनाफा दिखाया गया। शुरुआत में 7 हजार रुपए उनके खाते में भी ट्रांसफर किए गए, जिससे भरोसा बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने 25 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग कंपनियों और खातों में कुल 49.31 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। ऐप में उनके खाते में 1.17 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम दिखाई जाने लगी। जब उन्होंने 30 लाख रुपए निकालने की कोशिश की तो रकम नहीं निकली। आरोपियों ने बाद में 13.65 लाख रुपए “सर्विस चार्ज” के रूप में जमा कराने की मांग की। कोटक ऑफिस पहुंचने पर खुला राज शक होने पर पीड़ित सेक्टर-8 चंडीगढ़ स्थित कोटक सिक्योरिटीज ऑफिस पहुंचे। वहां जांच में पता चला कि उनके नाम से कोई ट्रेडिंग अकाउंट ही नहीं है और मोबाइल में इंस्टॉल ऐप पूरी तरह फर्जी है। इसके बाद उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई बृजेश कुमार को मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही है।
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