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पंचकूला में एक दिन बाद थमा बुलडोजर अभियान:अब पहले सर्वे, फिर नोटिस; सेक्टरों में सरकारी जमीन पर कब्जों की होगी पहचान




पंचकूला शहर के पॉश सेक्टरों में सरकारी जमीन और ग्रीन बेल्ट पर किए गए अतिक्रमणों के खिलाफ शुरू हुई प्रशासनिक कार्रवाई फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। 29 मई को एक दिन बुलडोजर चलाने के बाद प्रशासन ने अब अपना रुख बदलते हुए पहले सर्वे और फिर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया है। दरअसल, सेक्टर-11 निवासी डॉ. हिमांशु ने जिला लोक शिकायत निवारण समिति (ग्रीवांस कमेटी) में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि पड़ोसी ग्रीन बेल्ट और सरकारी भूमि पर कब्जा कर चुके हैं। वहां रैंप, दीवारें और अन्य निर्माण कर लिए गए हैं, जिससे उनके घर तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद मामला ग्रीवांस कमेटी की बैठक में पहुंचा।
बैठक में मौजूद हरियाणा के खनन एवं पंचायत मंत्री कृष्ण पंवार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ग्रीन बेल्ट और सरकारी जमीन पर किए गए सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं। साथ ही नियमों के विपरीत बनाए गए गेट, रास्ते और अन्य निर्माण भी हटाने को कहा गया था। कई सेक्टरों में चला था पीला पंजा मंत्री के निर्देशों के बाद HSVP और जिला प्रशासन की टीमों ने सेक्टरों में अभियान चलाया। घरों के आगे और पीछे अतिरिक्त सरकारी भूमि पर बनाई गई जालियां, पक्के निर्माण, रैंप और अवैध गेट हटाए गए। कई स्थानों पर ऐसे रास्ते भी बंद किए गए, जिन्हें सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाया गया था। पंचकूला के इतिहास में यह पहली बार माना जा रहा था कि शहर के पॉश सेक्टरों में इतने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई हो। कार्रवाई के दौरान कई लोगों में हड़कंप की स्थिति भी देखने को मिली। विरोध के बाद प्रशासन ने बदला तरीका हालांकि अभियान शुरू होने के साथ ही कुछ स्थानों पर लोगों ने विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि बिना पूर्व सूचना और नोटिस के कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद प्रशासन ने व्यापक स्तर पर चल रही कार्रवाई को आगे बढ़ाने के बजाय नई रणनीति अपनाने का फैसला किया। अब HSVP पूरे शहर में सर्वे कराएगा और यह चिन्हित करेगा कि किन-किन मकानों के बाहर या पीछे सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित समयावधि में कब्जा नहीं हटाने पर प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा।
अब सर्वे पर टिकी नजरें प्रशासन के इस फैसले के बाद शहर में चर्चा है कि क्या सर्वे और नोटिस प्रक्रिया पूरी होने के बाद वास्तव में सभी सेक्टरों में एक समान कार्रवाई होगी या नहीं। क्योंकि पंचकूला के कई सेक्टरों में वर्षों से ग्रीन बेल्ट, खाली सरकारी भूमि और सार्वजनिक जगहों पर कब्जों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन के आगामी कदमों पर टिकी हुई है।



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