पंचकूला के पिंजौर थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों द्वारा पुलिस हिरासत में प्रताड़ना, सिर मुंडवाने, नंगे पैर चलाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप लगाने के बाद कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है।
कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए उनके विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण के लिए तीन डॉक्टरों और एक मनोचिकित्सक/मनोवैज्ञानिक वाले मेडिकल बोर्ड के गठन के आदेश दिए हैं।
सोमवार को सुनवाई के दौरान आरोपी रोहित के वकील दीपांशु बंसल ने दावा किया कि पुलिस हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, सिर जबरन मुंडवाए गए, उन्हें नंगे पैर चलाया गया तथा उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22 का उल्लंघन बताते हुए आरोपियों की तत्काल रिहाई और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रखा ये पक्ष सुनवाई के दौरान राज्य पक्ष ने कहा कि दो आरोपी पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास कर रहे थे, जिनके खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई और घटना के CCTV फुटेज में उनकी भूमिका दिखाई दे रही है।
अब जानिए कोर्ट आदेश की अहम बातें::::
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