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निलंबति DIG भुल्लर मामले की सुनवाई टली:चंडीगढ़ की CBI कोर्ट में गवाह नहीं हुआ पेश; 12 अगस्त को अगली सुनवाई




रिश्वत मामले में निलंबित पंजाब पुलिस के DIG हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई कोर्ट में पेशी हुई। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में अदालत के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष का कोई भी गवाह बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके चलते अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 अगस्त, 2026 की तारीख तय कर दी। कोर्ट ने आदेश दिया अगली सुनवाई तक दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। उन्हें 12 अगस्त को फिर से अदालत में शारीरिक रूप से पेश किया जाएगा। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों के अनुरोध पर अदालत ने उन्हें कुछ मिनट के लिए अदालत परिसर में अपने मुवक्किलों से मुलाकात करने की भी अनुमति दी। सुनवाई के दौरान हरचरण सिंह भुल्लर की ओर से अतिरिक्त पावर ऑफ अटॉर्नी अदालत में दाखिल की गई, जिसे विशेष सीबीआई अदालत ने रिकॉर्ड पर ले लिया। पिछली सुनवाई में सीबीआई ने दिया जवाब पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत में दायर अपने जवाब में कहा था कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आरोपी के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी प्रदान की थी। सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत के आधार पर 16 अक्टूबर, 2025 को डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 3 दिसंबर 2025 को विशेष सीबीआई अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया। सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया था कि 13 मार्च, 2026 को अदालत इस मामले का संज्ञान ले चुकी है और उस समय अभियोजन स्वीकृति (प्रॉसिक्यूशन सैंक्शन) का वैध आदेश न्यायालय के रिकॉर्ड पर मौजूद था। इसलिए अब अभियोजन स्वीकृति आदेश की वैधता पर सवाल उठाना कानूनी रूप से उचित नहीं है। सीबीआई के गवाह का तबादला, बाद में होगा तलब सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकारी पक्ष के गवाह प्रशांत कुमार गौरव को भेजा गया समन ई-मेल के माध्यम से तामील हो गया था। हालांकि, अब उनका तबादला दक्षिण भारत में किसी अन्य स्थान पर हो चुका है। इस कारण सीबीआई ने अदालत से अनुरोध किया कि फिलहाल उन्हें पेश न कराया जाए और बाद में जरूरत पड़ने पर दोबारा समन जारी किया जाए। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। मामले के एक अन्य गवाह शुभम अंगुराल को भी अदालत में पेश होने के लिए समन भेजा गया था। उन्हें समन मिल चुका था, लेकिन सुनवाई के दिन उन्होंने अदालत में एक आवेदन देकर कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकते। इसलिए उन्होंने उस दिन की सुनवाई से छूट देने की मांग की। आवेदन में बताया गया कि शुभम अंगुराल वायरल बुखार से पीड़ित हैं और इसी कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सकते। हालांकि आवेदन के साथ कोई मेडिकल प्रमाणपत्र संलग्न नहीं था, लेकिन उनके वकील ने अदालत को बताया कि गवाह बीमारी के कारण अवकाश पर हैं। अदालत ने इसे देखते हुए केवल इस तारीख के लिए उनकी अनुपस्थिति स्वीकार कर ली। 2 गवाहों को बुलाने के आदेश अदालत ने आदेश दिया कि गवाह शुभम अंगुराल को अब 12 अगस्त 2026 को अदालत में पेश होने के लिए दोबारा समन जारी किया जाए। साथ ही सीबीआई के अनुरोध पर अभियोजन पक्ष के एक अन्य गवाह राज कुमार को भी उसी तारीख पर तलब करने के आदेश दिए गए हैं। अदालत ने कहा कि दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए मामले की सुनवाई में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए। इसी वजह से अगली तारीख पर दो गवाहों को बुलाया गया है, ताकि अगर एक गवाह नहीं पहुंच सके तो दूसरे का बयान दर्ज किया जा सके और सुनवाई आगे बढ़ सके।



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