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हरियाणा पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान पंचकूला में हुई गांव सैदपुर निवासी कपिल यादव की मौत के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार देर शाम कपिल को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सैदपुर से अटेली मुख्य चौक तक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च में हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा, बुजुर्ग तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए लोग शांतिपूर्वक मार्च में शामिल हुए। इस दौरान पूरे रास्ते “कपिल अमर रहे”, “कपिल को न्याय दो” और “सरकार न्याय करे” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। बनाई मानव श्रंखला मार्च में उमड़ी भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैदपुर से अटेली तक कई किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला दिखाई दी। पूरे मार्ग पर लोगों ने कपिल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरकार से न्याय की मांग की। सरकारी नौकरी की मांग मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि कपिल यादव का सपना हरियाणा पुलिस में भर्ती होकर प्रदेश की सेवा करने का था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही उनकी असमय मृत्यु हो गई। उन्होंने सरकार से मांग की कि कपिल की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकार की जिम्मेदारी वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और समाज के लिए पीड़ादायक घटना है। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास प्रभावित हो सकता है। मौन रख दी श्रद्धांजलि कैंडल मार्च के समापन पर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत कपिल यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और परिवार की हर संभव सहायता करने की मांग दोहराई। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए इस कैंडल मार्च ने कपिल यादव के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी संवेदना, सामाजिक एकजुटता और न्याय की मांग को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा।
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नारनौल में कैंडल मार्च निकाल कपील यादव को दी श्रद्धांजलि:पुलिस-भर्ती के दौरान दौड़ लगाने से हुई थी मौत, पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग







