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नारनौल जिला-अस्पताल में छह माह में खुली रेनोवेशन की पोल:बारिश में टपकने लगी छत, लाखों रुपये खर्च के बावजूद पहली ही बरसात में बिगड़े हालात




हरियाणा के नारनौल स्थित जिला नागरिक अस्पताल में करीब छह माह पहले लाखों रुपये खर्च कर कराए गए रेनोवेशन कार्य की गुणवत्ता पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की छत कई जगह से टपकने लगी है। हालात यह हैं कि अस्पताल प्रशासन को पानी रोकने के लिए छत के नीचे बड़ी-बड़ी प्लास्टिक की पन्नियां लगानी पड़ रही हैं, जबकि कई स्थानों पर पानी इकट्ठा होने से मरीजों और कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनवरी में हुआ था रेनोवेशन जानकारी के अनुसार जिला नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग का जनवरी माह में रेनोवेशन कराया गया था। इस दौरान छत पर फॉल्स सीलिंग लगाने सहित अन्य मरम्मत कार्य किए गए थे। इस कार्य पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन बरसात में रेनोवेशन की गुणवत्ता की पोल खुल गई। बारिश के दौरान छत से लगातार पानी टपकता है और बारिश रुकने के बाद भी काफी देर तक रिसाव जारी रहता है। ओपीडी होती हैं यही संचालित सबसे अधिक परेशानी ओपीडी में आने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है। अस्पताल की सभी ओपीडी इसी भवन में संचालित होती हैं और डॉक्टरों को दिखाने के लिए पर्ची भी यहीं से बनती है। अधिक बारिश होने पर कई बार छत से तेज रिसाव के कारण ओपीडी का संचालन प्रभावित हो जाता है। मरीजों और उनके परिजनों को भीगते हुए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे अव्यवस्था का माहौल बन जाता है। गुणवत्ता पर उठाए सवाल स्थानीय लोगों ने रेनोवेशन कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। नई सराय निवासी राकेश कुमार, जमालपुर के निलेश कुमार और पुरानी सराय के राहुल वर्मा ने बताया कि जनवरी में लाखों रुपये खर्च कर भवन का नवीनीकरण कराया गया था, लेकिन अब छतें जगह-जगह से टपक रही हैं। उनका कहना है कि ऐसा लगता है जैसे लाखों रुपये पानी में बह गए हों। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पीडब्ल्यूडी ने कराया था काम बताया जा रहा है कि अस्पताल भवन काफी पुराना हो चुका है और इसी भवन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से रेनोवेशन का कार्य कराया गया था। अब पहली ही बारिश में सामने आई खामियों के बाद लोग पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। होगा जल्दी समाधान वहीं इस बारे में पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन अश्विनी कुमार ने बताया कि इसमें कुछ टेंडर रह रहे थे। अब वो टेंडर हो गए हैं, जल्द ही इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद इस प्रकार की कोई समस्या नहीं रहेगी।



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