दिल्ली के मालवीय नगर में प्लोरिश स्टे होटल में लगी आग में जान गंवाने वाले 21 लोगों में गुरुग्राम के चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल की फैमिली भी है। उनका पूरा परिवार जिंदा जल गया। विवेक के पिता दिल्ली मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हीं का हाल जानने सीए अपनी मां, पत्नी व दो बेटियों संग दिल्ली आए थे। उनके मौसा-मौसी व मामा राजस्थान से आए थे। ये लोग होटल में ठहरे थे। सुबह ब्रेकफास्ट के वक्त आग लगी। विवेक अग्रवाल के ससुर प्रेम बंसल ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में परिवार-रिश्तेदारी के 8 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि विवेक के पिता राधे श्याम अग्रवाल की तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वो वेंटिलेटर पर हैं। विवेक की बड़ी बेटी बेंगलुरू से स्पेशल दादा को मिलने फ्लाइट से आईं थी। बुधवार सुबह ब्रेकफास्ट के बाद सब होटल में लगी आग की चपेट में आ गए। विवेक एक प्राइवेट कंपनी में सीए थे और पत्नी एनजीओ चलाती थीं। दूसरी तरफ, सामने आया है कि आग 6 मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने बी-एन-बी रेस्टोरेंट में लगी। कुछ देर बाद होटल में ऊपर की तरफ फैल गई। यह होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर है। यहीं पर पास में मैक्स हॉस्पिटल और AIIMS भी हैं। इन अस्पतालों में इलाज कराने आने वालों के परिजन अकसर इस होटल में रुका करते थे। सीए के ससुर ने बताई इस दर्दनाक हादसे की कहानी… बेटी का फोन आया-होटल में आग लगी है ससुर प्रेम बंसल ने बताया-मेरी बेटी तर्जनी की शादी गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी सीए विवेक अग्रवाल से हुई है। दो दिन पहले विवेक के पित राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह बेटी का फोन आया, जिसने घबराकर बताया-हम जिस होटल में ठहरे थे उसमें आग लग गई है।
होटल पहुंचे तो चारों तरफ आग ही आग थी प्रेम बंसल ने बताया-जब मैं होटल पहुंचा तो यहां चारों तरफ आग की लपटें थीं। हम बदहवास हो गए। थोड़ी देर में क्लियर हो गया कि मेरी बेटी-दामाद के परिवार में कोई जिंदा नहीं बचा। विवेक-तर्जनी की दोनों बेटियां एंजल व पर्ल, विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल, मामा अशोक पंसारी, मौसा जवरी लाल व मौसी कमला सब हादसे का शिकार हो गए। मामाजी किशनगंज से आए थे जबकि मौसा-मौसी अजमेर से आए थे। विवेक ने होटल में रूम लिए, बड़ी बेटी बेंगलुरु से आई मंगलवार को विवेक ने होटल में दो कमरे बुक किए थे और सुबह आग लग गई। उनकी बड़ी बेटी 12वीं करने के बाद बीटेक करने के लिए बेंगलुरु रहती थी। उसे कल ही दादा से मिलने के लिए बुलाया गया था। वो फ्लाइट से पहुंची थी। छोटी बेटी 11वीं क्लास में है। अभी तक सामने आया है कि सभी मौतें 70 से 85 फीसदी तक झुलसने या दम घुटने से हुई। विवेक ने मामा के बेटे को फोन पर आग की बात बताई विवेक ने अपने मामा के बेटे को फोन करके बताया था कि वह बेसमेंट में फंस गया है। विवेक बचाने की गुहार लगा रहे थे। जब तक उसका भाई कोटला से आया, तब तक पूरा परिवार आग की चपेट में आ चुका था।
मामा मार्बल कारोबारी और मौसा रिटायर्ड बैंक अधिकारी अजमेर के गुलाब बाड़ी निवासी रिटायर्ड बैंक अधिकारी मौसा जवरी लाल अग्रवाल (70) और मौसी कमला अग्रवाल (68) के साथ मंगलवार शाम 7 बजे अजमेर से किशनगढ़ गए। फिर किशनगढ़ से दिल्ली गए थे। किशनगढ़ की लक्ष्मीनारायण कॉलोनी निवासी मार्बल व्यापारी और विवेक के मामा अशोक पंसारी भी उनके साथ थे। जवरी लाल के पड़ोसी और दोस्त राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कमला अग्रवाल का 1 जून को जन्मदिन था। जवरी लाल ने इसे सभी के साथ मनाया था। 1 जून को मनाया था पत्नी का जन्मदिन पड़ोसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया- जवरी लाल ने 1 जून को पत्नी कमला का जन्मदिन मनाया था। उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा सचिन अग्रवाल अमेरिका में गूगल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह 5 साल से पत्नी और बच्चे के साथ अमेरिका में ही रह रहा है। बेटी दीपा की शादी साल 2012 में हनुमानगढ़ में हुई थी। वह जयपुर में रह रही है। हादसे की सूचना पर दीपा दिल्ली पहुंच गई। वहीं सचिन भी अमेरिका से निकल चुका है। फैमिली के PHOTOS…. दिल्ली हादसे की दिल दहलाने वाली PHOTOS…. ————————- दिल्ली होटल अग्निकांड की यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत:इनमें 11 विदेशी और 10 भारतीय नागरिक; बिना फायर NOC चल रहा था होटल
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