![]()
रेवाड़ी में गुरुवार को ढोल- नगाड़ों और संगीत की शहनाई के साथ भगवान जगन्नाथ की सवारी निकली गई। सिंहासन रथ पर सवार भगवान की सवारी का श्रद्धालुओं ने जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया और छबील लगाई। इस दौरान अलग-अलग प्रकार की झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। सवारी बाराहजारी के वृंदावन चौक स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर वापस मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान शहर जयघोष से गूंज उठा। आकषर्ण का केंद्र रहीं झाकियां भगवान जगन्नाथ की सवारी के लिए विशेष तैयारियां की गईं। मथुरा और खैरथल की शहनाई मंगवाई गईं। दिल्ली, अलवर से ढोल ताशा और पलवल का नगाड़ा मंगवाया गया। बाबा फतेह सिंह अखाडे की गतका पार्टी और झांकियां आकषर्ण का केंद्र रही। मंदिर समिति से जुडी श्रदधालु जूली गौड, मानवी भारद्वाज के साथ महिलाओं ने भक्ति संगीत की धुन पर नृत्य किया। मुख्यातिथि एडवोकेट रिंकी यादव, सूरजभान सैनी, रवि अग्रवाल भट्टेवाले, राजन अग्रवाल व हितेश कटारिया ने शुभारंभ किया। बाजार से होकर वापस मंदिर पहुंची यात्रा सवारी बाराहजारी के वृंदावन चौक स्थित प्राचीन भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर पुरानी सब्जी मंडी, भाडावास गेट, अग्रसेन चौक होते हुए अनाज मंडी स्थित शिव मंदिर पहुंची। परशुराम ब्रास मार्केट, हनुमान मंदिर, गुजरान चौक, रावलीहाट, नालबंदान, भैरों चौक, घटेश्वर मंदिर, गोकलगेट, काठमंडी, सरकुलर रोड, जीवली बाजार, मोती चौक आदि मुख्य बाजारों से होते हुए वापस मंदिर पहुंची। इस मौके पर मार्केट कमेटी वाइस चेयरमैन नवल किशोर गुप्ता,प्रधान अशोक यादव , प्रधान राधेश्याम मित्तल सुरेश गर्ग, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल,जतिन अग्रवाल वीरेंद्र जिंदल, रिशु यादव, दिनेश कुमार, अंकित, राजीव बंसल, मनीष, अनिल गर्ग, विष्णु गुप्ता, सन्नी गेरा, कमल गुप्ता, बृजेश अग्रवाल इत्यादि उपस्थित रहे। उत्साह के साथ निकाली सवारी शारूहेड़ा में मनीराम बाग में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के जयकारे लगाए। नगर पालिका धारूहेड़ा के चेयरमैन जांगड़ा व पार्षद अम्न राव ने यात्रा को रवाना किया।
Source link
ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली भगवान जगन्नाथ की सवारी:रेवाड़ी-धारूहेड़ा में निकाली झांकी; श्रद्धालुओं ने जगह-जगह लगाईं छबील







