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ट्रिब्यून चौक-जीरकपुर फ्लाईओवर पर हाईकोर्ट सख्त:पर्यावरण मंजूरी बिना निर्माण पर रोक;24 अप्रैल को अगली सुनवाई,मास्टर प्लान में प्रविधान नहीं होने का भी उठाया मुद्दा




चंडीगढ़ में ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर तक बनने वाले फ्लाईओवर को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि पर्यावरण की मंजूरी और जरूरी अनुमति लिए बिना इस प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं होगा। अदालत ने विकास और पर्यावरण के संतुलन पर जोर देते हुए मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल तय की है। मंजूरी मिलने तक निर्माण कार्य नहीं होगा चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि भले ही पहले लगाई गई रोक हट चुकी है, लेकिन जब तक सभी आवश्यक मंजूरियां नहीं मिलतीं, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा। अदालत ने फिलहाल दोबारा रोक लगाने से इनकार किया, लेकिन प्रशासन को सभी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि परियोजना की तकनीकी बोली प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और मई के पहले सप्ताह से निर्माण शुरू होने की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आया तो तीसरे पक्ष के अधिकार बन सकते हैं, जिससे मामला और जटिल हो सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाएं पूरी किए बिना परियोजना को आगे न बढ़ाया जाए। मास्टर प्लान में प्रविधान नहीं होने का भी उठाया मुद्दा पंचकूला निवासी जगवंत सिंह बाथ द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से बड़ी संख्या में आम के पेड़ों की कटाई होगी, जिसके लिए अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में इस फ्लाईओवर का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे परियोजना की वैधता पर सवाल उठते हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन से यह भी पूछा कि पहले लगी रोक हटने के बाद अब तक क्या प्रगति हुई है। इस पर प्रशासन की ओर से बताया गया कि संशोधित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।



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