श्री अकाल तख्त साहिब ने विवादित वीडियो को सही ठहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री को ‘पंथ विरोधी’ और ‘गुरु-दोखी’ घोषित किया गया। श्री अकाल तख्त साहिब के इस फैसले के आते ही विपक्षियों ने सीएम भगवंत मान का इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया। कांग्रेस के प्रधान व लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर मान को इस्तीफा देना चाहिए और इन गंभीर आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। वहीं, कांग्रेस नेता व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री तुरंत इस्तीफा दें। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि मुख्यमंत्री के दो विवादित वीडियो फॉरेंसिक लैब में सही पाए गए। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने कहा कि जांच में वीडियो असली पाए गए हैं और ये एआई (AI) द्वारा तैयार (डीपफेक) नहीं हैं। श्री अकाल तख्त का सम्मान करते हुए इस्तीफा दें मान राजा वडिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह सजा श्री अकाल तख्त से मिली है जो कि सर्वोच्च धार्मिक तख्त है। उन्होंने कहा कि इसका फैसले सभी काे मानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी गरगज सिंह ने मुख्यमंत्री मान से जुड़े दो विवादित वीडियो को दो अलग-अलग फोरेंसिक प्रयोगशालाओं से सत्यापित कराने के बाद असली घोषित कर दिया है, इसलिए श्री अकाल तख्त की सर्वोच्च सत्ता के सम्मान और इससे जुड़ी धार्मिक भावनाओं का आदर करते हुए उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।”वड़िंग ने कहा, “यह मामला बेहद संवेदनशील है। जब मुख्यमंत्री बेअदबी के खिलाफ एक कड़ा कानून बना सकते हैं, तो उन्हें खुद एक उदाहरण पेश करना चाहिए कि वे जो उपदेश देते हैं, उस पर खुद भी अमल करते हैं। सीज़र की पत्नी को संदेह से परे होना चाहिए यानी सार्वजनिक जीवन में शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति का चरित्र पूरी तरह बेदाग होना चाहिए। सीएम मान इस्तीफा दे – सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रधावा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को ‘पंथ विरोधी’ और ‘गुरु-दोखी’ घोषित किया जाना पंजाब के इतिहास की बहुत बड़ी घटना है। सीएम मान को यह धार्मिक सजा पांच सिख साहिबानों की कमेटी की तरफ से सुनाई गई है। कमेटी का यह फैसला न केवल पंजाब, बल्कि देश और दुनिया भर में बसे सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। रंधावा ने कहा कि सीएम भगवंत मान को अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, उसकी मर्यादा और करोड़ों सिखों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना किसी देरी के मुख्यमंत्री पद से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए और तुरंत सिख समाज समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। उनके खिलाफ इतना बड़ा फैसला आना बहुत गंभीर मामला है।
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