11 साल बाद जेल से छूटे सतलोक आश्रम संचालक रामपाल का आशीर्वाद लेने लगातार नेता उनके पास पहुंच रहे हैं। अब सोनीपत की खरखौदा सीट से BJP विधायक का वीडियो सामने आया है। इसमें विधायक रामपाल का पांव छूकर अपनी जीत का श्रेय देते नजर आ रहे हैं। इसके जवाब में रामपाल कहता है- हमारे पास सभी चीज की चाबी है। विधायक बनवाना हो या पानी निकलवाना हो। इससे पहले भी BJP के नलवा विधायक रणधीर पनिहार का वीडियो सामने आया था, जिसमें वो रामपाल को नामदीक्षा देने की गुहार करते दिखे। जवाब में रामपाल ने कहा- पहले ज्ञान लो, टर्म एंड कंडीशन समझो, फिर आना। यह सुनने के बाद पनिहार का मुंह उतर गया था और वे वापस लौट गए थे। बता दें कि रामपाल को 10 अप्रैल 2026 को हिसार सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा किया गया था। वह लगभग 11 साल 4 महीने 24 दिन जेल में रहा। इसके बाद से ही भाजपा के अलावा दूसरे दलों के कई विधायक-मंत्री और संगठन से जुड़े लोग आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। पंजाब के नेता भी लगातार चक्कर काट रहे हैं। क्योंकि पंजाब में कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होने हैं। रामपाल के अनुयायियों की पंजाब राज्य में अच्छी खासी तादाद है। खासकर फतेहगढ़ साहिब और संगरुर जिले, जहां रामपाल ने आश्रम भी बनवा रखे हैं। विधायक पवन खरखौदा और रामपाल के बीच इस तरह बातें हुईं… आपके आशीर्वाद से खरखौदा में पहली बार कमल खिला: रामपाल महाराज के धनाना गांव में बने डेरे में 15 जून को खरखौदा विधायक पवन खरखौदा पहुंचे। रामपाल के आगे झुककर हाथ जोड़े। रामपाल ने पीठ पर हाथ रख आशीर्वाद दिया। विधायकः आपके आशीर्वाद से खरखौदा में पहली बार कमल खिला है। इसके पहले कभी नहीं जीते थे, जब आपने आशीर्वाद दिया और यहां डेरे में वीरेंद्र से भी मिलता रहता था।
रामपालः मुझे सब पता है। विधायकः आपके आशीर्वाद से हरियाणा में सबसे पहले खरखौदा में जीते थे। उसी दिन से मैंने प्रण कर लिया था कि मेरे लिए सबसे बड़ा तीर्थ कोई है तो वह यह धाम है।
रामपालः हमारे पास सबकी चाबी है। कोई विधायक बनवाना है, कहीं खेतों से पानी निकलवाना हो।
विधायकः मेरे लिए विश्वास का सबसे बड़ा विद्यालय कोई है तो वह आपका धाम है।
रामपालः कोई बात नहीं, हमने कह दिया था कि यह काम करना है। सारा मेरे से ही चलता है। विधायकः (रामपाल महाराज को चादर ओढ़ाकर) शिष्य के रूप में मुझे आशीर्वाद देना। बहुत संघर्ष के बाद यहां तक पहुंचा हूं। तीन चुनाव लड़े, दो बार हारने के बाद दर्ज की जीत विधायक पवन खरखौदा ने अपनी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, “तीन चुनाव लड़े। 2014 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था और 3100 वोट से हार गया। 2019 में 600 वोट से हार गया। फिर आपकी शरण में आने से सबसे पहले जीत दर्ज की। इस पर संत रामपाल महाराज ने जवाब देते हुए कहा, “कोई बात नहीं, आगे भी हम साथ हैं।” अब उन नेताओं की PHOTOS जो डेरे आ चुके ये नेता भी पहुंच चुके
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