जालंधर में इंडिया टू एब्रॉड इमिग्रेशन कंसलटेंट के खिलाफ सीपी जालंधर सतिंदर सिंह को शिकायत दी गई। शिकायतकर्ता रमा शर्मा ने बताया कि इमीग्रेशन कंसल्टेंड आईटूए खुद को इंडिया टू एब्रॉड कंसल्टेंट बता रहे हैं। डीसी दफ्तर से तरफ से इनको जारी किए गए लाइसेंस (1532/MC/1/MA/JAL/1817) में इनके दफ्तर का नंबर 400 है। इसका एड्रेस फर्स्ट फ्लोर कमल पैलेस सिविल लाइन जालंधर है। जबकि ये 410/5 ए में चल रहा है। रमा शर्मा ने बताया कि वह इस फर्म में 33 फीसदी की पार्टनर हैं।
उन्होंने बताया 2015 में पार्टनरशिप में फर्म खोली गई थी, लेकिन फर्म के एक पार्टनर ने सेम लाइसेंस से एड्रेस बदलकर अपना काम अलग कर लिया। आरोप ही कि फर्म के पार्टनर ने उनका 33 फीसदी शेयर नहीं दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे पहले भी फर्म के पार्टनर ने बिना लाइसेंस एक फर्म शुरू की थी जिस मामले में उस पर डिविजन नंबर 4 में एफआईआर हुई थी,लेकिन बावजूद इसके धोखाधड़ी से नया लाइसेंस ले लिया। रमा शर्मा ने बताया कि इसे लेकर तत्कालीन डीसी विशेष सारंगल से शिकायत की गई। डीसी दफ्तर की तरफ से कई गई कार्रवाई के दौरान 4 फर्म का लाइसेंस कैंसिल किया गया था जिसमें उनके पार्टनर की भी बिना लाइसेंस चल रही फर्म शामिल थी।
रमा शर्मा ने सीपी को दी शिकायत पत्र
रमा शर्मा ने शिकायत में सवाल उठाया कि कानूनन एफआईआर दर्ज वाला व्यक्ति वीजा कंसल्टेंट फर्म नहीं खोल सकता, बावजूद इसके पार्टनर ने एड्रेस बदलकर फर्म खोल ली। उन्होंने सीपी से मांगपत्र के माध्यम से कहा कि उनको उनका पैसा दिलाया जाए और फर्म के पार्टनर पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द किया जाए। शिकायतकर्ता का कहना है कि इनकी आईटूए फर्म के नाम से जीएसटी भी भरी गई है, लेकिन इस फर्म ने पहले 6 महीने बिना लाइसेंस काम किया, जिसे बाद में रजिस्टर्ड करवाया गया।
नेताओं के साथ फोटो और फर्जी दावों से यूथ को गुमराह करने का आरोप
रमा शर्मा ने आरोप लगाया कि इंडिया टू एब्रॉड इमिग्रेशन फर्म खुद को नंबर 1 होने और पंजाब सरकार द्वारा पुरस्कृत होने का दावा कर रही है। बड़े-बड़े होर्डिंग के जरिए पंजाब के युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। इसमें पंजाब से एमपी मीत हेयर की फोटो का भी यूज किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ भी तस्वीरों का यूज किया जा रहा है। रमा शर्मा ने मांग की कि इस मामले की जांच हो।
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