spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

चंडीगढ़ सुखना लेक में छोड़े 10 हजार मछली बीज:जलीय संतुलन मजबूत करने की अनूठी पहल, शहर की ‘लाइफलाइन’ मानी जाती लेक




चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना लेक में जलीय जीवन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की गई है। विश्व मछली प्रवास दिवस के मौके पर झील में 10 हजार से अधिक मछलियों के बीज छोड़े गए, जिससे आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में मछलियां विकसित होंगी। पशु पालन और मछली पालन विभाग की ओर से मंगलवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मृगल, रोहू और कतला जैसी देशी प्रजातियों के मछली बीज झील में डाले गए। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य झील में जलीय जैव विविधता को बढ़ाना और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना है। शहर की ‘लाइफलाइन’ मानी जाती सुखना लेक को ‘लाइफलाइन’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह न सिर्फ लोगों के घूमने-फिरने की जगह है, बल्कि कई तरह के जलीय जीवों का घर भी है। सर्दियों में यहां दूर-दूर से प्रवासी पक्षी आते हैं और उनका भोजन काफी हद तक छोटी मछलियों और उनके बच्चों पर निर्भर करता है, इसलिए झील में मछलियों का होना बहुत जरूरी है। पानी की गुणवत्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर प्रयास विशेषज्ञों के मुताबिक, जब झील में मछलियों की संख्या बढ़ती है तो पूरी प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला मजबूत होती है, जिससे पानी की गुणवत्ता और पर्यावरण दोनों बेहतर रहते हैं। इसके अलावा झील के पास बने सरकारी मत्स्य बीज फार्म में अच्छी क्वालिटी के मछली बीज तैयार किए जाते हैं, जिन्हें समय-समय पर झील में डाला जाता है। इससे मछलियां प्राकृतिक रूप से बढ़ती हैं और झील का संतुलन बना रहता है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles