चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग करते हुए नगर निगम कमिश्नर को पत्र लिखा है। मेयर ने पत्र में दावा किया है कि उन्हें और नगर निगम से जुड़े कार्यों को लेकर उग्रवादी तथा खालिस्तान समर्थक तत्वों की ओर से धमकियां मिल रही हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। मेयर की इस मांग के बाद नगर निगम और राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। खास बात यह है कि मेयर को पहले से ही दो पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात हैं, जबकि नगर निगम कमिश्नर, जिनके पास पूरे निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है, उन्हें केवल एक सुरक्षा गार्ड उपलब्ध है। ऐसे में अतिरिक्त सुरक्षा की मांग को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पत्र में सुरक्षा जोखिमों का किया उल्लेख जानकारी के अनुसार मेयर सौरभ जोशी ने अपने पत्र में कहा है कि नगर निगम को समय-समय पर विभिन्न प्रकार की धमकियां मिलती रही हैं। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों, बैठकों और लोगों के बीच रहना पड़ता है। ऐसे में सुरक्षा संबंधी जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मेयर ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मौजूदा हालात और संभावित खतरों का आकलन कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा खतरे के स्तर की समीक्षा कर उचित कदम उठाए जाने चाहिए। कार्यकाल का आधा समय बीत चुका सौरभ जोशी का मेयर के रूप में कार्यकाल एक वर्ष का है और उसका लगभग आधा समय पूरा हो चुका है। ऐसे में उनके द्वारा सुरक्षा बढ़ाने की मांग किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि कोई वास्तविक खतरा है तो प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए, जबकि अन्य का मानना है कि वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है। नगर निगम और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मेयर का पत्र संबंधित अधिकारियों तक पहुंच गया है। अब सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस विभाग से रिपोर्ट मांगी जा सकती है। खतरे के आकलन के बाद ही यह तय होगा कि मेयर की सुरक्षा बढ़ाई जाए या नहीं।
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