चंडीगढ़ नगर निगम के इंफोर्समेंट विंग में कथित अवैध वसूली के मामले में विजिलेंस ने करीब एक साल बाद विजिलेंस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी के लिए चीफ सेक्रेटरी को पत्र भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस बीच, निगम के इंफोर्समेंट विंग के कर्मचारी विकास का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वह इंस्पेक्टरों पर हर महीने लाखों रुपये वसूली करने का आरोप लगा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस जांच में इंस्पेक्टर रैंक तक के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। सोशल मीडिया पर वीडियो हो चुका वायरल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में निगम कर्मचारी विकास दावा कर रहा है कि उससे हर महीने करीब छह लाख रुपये इकट्ठा करवाए जाते थे। उसका आरोप है कि इतनी रकम देने के बावजूद उसे लगातार परेशान किया जाता रहा। वीडियो सामने आने के बाद निगम के भीतर हड़कंप मच गया और पूरे मामले ने फिर तूल पकड़ लिया। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को कई ऑडियो रिकॉर्डिंग करवाए उपलब्ध शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को कई ऑडियो रिकॉर्डिंग, संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर और उन अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम उपलब्ध कराए, जिनके लिए कथित तौर पर पैसे इकट्ठा किए जाते थे। विजिलेंस ने इन सभी पहलुओं की करीब एक साल तक जांच की। जांच पूरी होने के बाद अब एफआईआर दर्ज करने के लिए चीफ सेक्रेटरी से मंजूरी मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही दर्ज होगी एफआईआर विजिलेंस के डीएसपी ए. वेंकटेश ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए चीफ सेक्रेटरी को लिखा है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायत में कई लोगों के नाम दिए गए हैं और सभी पहलुओं की जांच की गई है। अब आगे की कार्रवाई प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद की जाएगी। सुनिए वीडियो में क्या आरोप लगाए विकास ने.. वेंडर्स से पैसा इकट्ठा करने के मिले आदेश:विकास ने मोबाइल फोन का वीडियो कैमरा ऑन किया और बोला कि मैं अपने घर पर बैठा हूं, ये रही मेरी बेटी, बेटा और पत्नी। मैं निगम में इंफोर्समेंट विंग में काम करता था। निगम के इंस्पेक्टर, जिन्हें अभी 3 साल हुए ज्वाइनिंग को, वो मुझ पर दबाव बनाते हैं कि वेंडर्स से पैसा इकट्ठा करो और मैं हर महीने उन्हें 4 से 6 लाख तक इकट्ठा कर रहा हूं। लेकिन कुछ समय से वो मुझ पर ज्यादा दबाव बनाने लगे और कहने लगे कि और ज्यादा पैसे इकट्ठा करो। नौकरी से निकालने की धमकी: विकास ने कहा कि उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर ऐसा नहीं करेगा तो नौकरी से निकाल देंगे और उन्होंने कुछ दिन बाद वही किया। विकास बोला, हर महीने चालान काटते हैं सिर्फ 1 से डेढ़ लाख रुपए का। उसने अफसरों से अपील की और कहा कि जांच करवाएं, अगर उसकी गलती पाई जाती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाए। घर पर पैसों की गड्डी लेकर आता हूं: वीडियो में बेटी और पत्नी भी बोल रही हैं कि ये घर पर पैसों की रोजाना काफी बड़ी गड्डी लेकर आता था और कहता था कि अफसरों को देने हैं। वीडियो में एक इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया कि वो तो हैंडीकैप्ड हो या फिर भिखारी, किसी को भी नहीं छोड़ता था, हर किसी से पैसा लेता था और उसके कारण ही एक कर्मचारी जसपाल ने सुसाइड कर लिया था। जसपाल उसका काफी अच्छा दोस्त था। मैंने शराब पी रखी है, मगर सच बोल रहा हूं: आगे विकास बोलता है कि उसने इस समय शराब पी रखी है, मगर वो बिल्कुल सच बोल रहा है और उसके साथ कुछ भी हो सकता है, इसलिए मैं ये वीडियो अभी बनाकर फेसबुक पर डाल रहा हूं। कहा, नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग में 3 से 4 को छोड़कर सभी हर महीने पैसे ले रहे हैं और पैसे लेने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं।
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