चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पीएम को प्रस्ताव भेजा है कि चंडीगढ़ करोरां टांडा-कसौली-धर्मपुर मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित करने और इसे पीएम गति शक्ति योजना में शामिल करने की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि चंडीगढ़ ट्राईसिटी क्षेत्र पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के बीच एक प्रमुख ट्रांजिट हब बन चुका है। जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर भारी दबाव बढ़ रहा है। विशेष रूप से मध्य मार्ग, पीजीआई चंडीगढ़ और पंचकूला की ओर जाने वाला मार्ग सबसे अधिक प्रभावित बताया गया है। पत्र में यह दलील दी गई मेयर ने बताया कि चंडीगढ़ पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों के बीच आने-जाने का मुख्य रास्ता है, जिसके कारण शहर में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। खासकर माध्य मार्ग और पंचकूला–पिंजौर–धर्मपुर रोड पर भारी जाम की समस्या बनी रहती है। यह नया मार्ग बनने से हिमाचल प्रदेश के लिए एक छोटा और सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे यात्रा समय कम होगा और चंडीगढ़ के अंदर ट्रैफिक भी कम होगा। ट्राईसिटी क्षेत्र एक बड़ा प्रशासनिक और आर्थिक केंद्र होने के बावजूद अभी सीमित सड़कों पर निर्भर है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है, खासकर वीकेंड और पर्यटन सीजन में। प्रस्तावित कॉरिडोर को एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से तैयार किए गए एक प्रारंभिक ढांचे से जोड़ा गया है और इसे पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित करने की मांग की गई है। पत्र में बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश में इस रूट का एक हिस्सा पहले ही नेशनल हाईवे के रूप में अधिसूचित किया जा चुका है। हाईवे बनने से यह फायदा होगा इस मार्ग से पीजीआई जैसे बड़े अस्पतालों तक मरीजों को जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी और आपातकालीन सेवाएं बेहतर होंगी। साथ ही, कसौली और धर्मपुर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्थानीय व्यापार को मजबूत करने और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी सहायक होगी। मेयर ने यह भी बताया कि इस मार्ग का कुछ हिस्सा पहले ही हिमाचल प्रदेश में नेशनल हाईवे घोषित किया जा चुका है, इसलिए पूरे मार्ग को नेशनल हाईवे बनाना जरूरी है ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि इस परियोजना को जल्द मंजूरी दी जाए, इसे पीएम गति शक्ति योजना में शामिल किया जाए, जल्दी डीपीआर तैयार की जाए, पर्याप्त फंड दिया जाए और तय समय सीमा में काम पूरा किया जाए।मेयर ने कहा कि यह परियोजना उत्तर भारत के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे चंडीगढ़ में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। पत्र में यह भी तर्क दिया गया चंडीगढ़ और पंचकूला क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम करेगा हिमाचल प्रदेश जाने के लिए वैकल्पिक और तेज मार्ग उपलब्ध कराएगा पर्यटन स्थलों जैसे कसौली तक पहुंच आसान बनाएगा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गति बढ़ाएगा आपदा के समय वैकल्पिक रूट के रूप में काम करेगा ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देगा इसके अलावा, पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह मार्ग शिवालिक पहाड़ियों से होकर गुजरता है, जहां आधुनिक इंजीनियरिंग और भूस्खलन रोकथाम तकनीकों की मदद से इसे सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जा सकता है। सरकार से क्या मांग की गई है पूरे कॉरिडोर को नेशनल हाईवे घोषित किया जाए पीएम गति शक्ति योजना में शामिल कर एकीकृत विकास किया जाए डीपीआर और तकनीकी मंजूरी को तेज किया जाए केंद्रीय फंडिंग और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित किया जाए अंतर-राज्यीय समन्वय समिति बनाई जाए
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चंडीगढ़ को जाम से छुटकारा दिलाने को बने नया हाईवे:मेयर ने पीएम को लिखा पत्र, पंचकूला और हिमाचल को भी मिलेगा फायदा
