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चंडीगढ़ कमिशनर का एक्शन 3 कर्मचारियों पर गिरी गाज:एक संस्पेड दो टर्मिनेट, गौशाला में मालिश कराते और टेबल पर आराम करते नजर आए इंस्पेक्टर




चंडीगढ़ में मखनमाजरा गौशाला में ड्यूटी के दौरान मसाज कराने और टेबल पर आराम करने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ ही घंटों के भीतर चंडीगढ़ नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने सख्त कार्रवाई की। कमिश्नर के निर्देश पर एक नियमित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए तैनात दो कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए गए। नगर निगम के अनुसार 9 जुलाई को सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय डिजिटल न्यूज पोर्टलों पर गौशाला मखनमाजरा की तस्वीरें वायरल हुई थीं। तस्वीरों में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के अनुचित व्यवहार का दावा किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए निगम ने इसे सरकारी कर्मचारी के आचरण के खिलाफ और विभाग की छवि धूमिल करने वाला माना। इसके बाद नगर निगम कमिशनर अमित कुमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कमिश्नर के आदेश पर नियमित कर्मचारी सुच्चा सिंह, सैनिटरी जमादार, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आदेश में कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान उनका आचरण सरकारी कर्मचारी के अनुरूप नहीं था और इससे नगर निगम की छवि को नुकसान पहुंचा। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। दो आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं खत्म मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (एमओएच) ने दो अलग-अलग आउटसोर्सिंग एजेंसियों को पत्र जारी कर उनके कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। पहले आदेश में ईशु सिंगला, सैनिटरी इंस्पेक्टर, पर ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारियों से कथित तौर पर मसाज कराने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद संबंधित एजेंसी को उनकी सेवाएं तुरंत समाप्त करने के लिए कहा गया। दूसरे आदेश में गौरव, एमटीडब्ल्यू (MTW), पर सैनिटरी इंस्पेक्टर की मसाज करने का आरोप है। इस मामले में भी संबंधित एजेंसी को उनकी सेवाएं तत्काल समाप्त करने का निर्देश दिया गया। इन तस्वीरों पर क्यों हो रहा विवाद, पूरा मामला जानिए मृत गायें मिलने से गौशाला चर्चा में आई: गौरतलब है कि इसी गौशाला में करीब 6 महीने पहले 45 गायें मृत मिली थीं। इसके बाद ही यह गौशाला चर्चा में आई। एनिमल कार्कस इंसिनरेशन प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा था। इसके कारण मृत गायों का समय पर अंतिम निस्तारण नहीं हो पाया था और प्लांट के बरामदे में बड़ी संख्या में गायों के शव मिले थे। इस मामले ने पूरे शहर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी: करीब 6 महीने पहले हुए इस मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। आरोप लगे थे कि लापरवाही के कारण मृत पशुओं का समय पर निस्तारण नहीं हुआ। उस समय कार्रवाई करते हुए कुछ छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाए गए थे, लेकिन जिन अधिकारियों पर निगरानी और व्यवस्था की जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। पुराने केस के कारण नए मामले की चर्चा: गौशाला में मृत गायें मिलने के बाद उसी गौशाला में निगम के अधिकारी आराम फरमाते और मालिश करवाते हुए दिखाई दिए हैं। इसी वजह से अब वायरल तस्वीरों के बाद पुराने मामले की भी फिर चर्चा शुरू हो गई है।



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