गुरुग्राम में कांग्रेस और भाजपा के बीच ‘सुंदरकांड पाठ’ को लेकर छिड़ा सियासी विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। सेक्टर-40 थाना पुलिस ने कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सोमवार देर रात भेजा गया, जिससे शहर की राजनीतिक सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को भाजपा के जिला कार्यालय ‘गुरुकमल’ के बाहर सुंदरकांड का पाठ करने का ऐलान किया था, जिसके बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के तहत यह कदम उठाया। पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्षों का साफ कहना है कि यह नोटिस उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और पूजा करने से रोकने की एक सोची-समझी साजिश है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि राम नाम लेना या धार्मिक पाठ करना कोई अपराध (क्राइम) नहीं है। वे किसी तरह की हिंसा या हंगामा करने नहीं जा रहे थे, बल्कि केवल सुंदरकांड का पाठ करना चाहते थे। ऐसे में देर रात नोटिस भेजकर उन्हें डराने और रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने जैसा है। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा कार्यालय के बाहर इस तरह के आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। पुलिस का मानना है कि किसी भी राजनीतिक दल के दफ्तर के ठीक बाहर दूसरे दल के इस तरह के धार्मिक या राजनीतिक आयोजन से टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। सुरक्षा के मद्देनजर ‘गुरुकमल’ कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। फिलहाल, इस नोटिस के बाद दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और मंगलवार को होने वाले इस घटनाक्रम पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं। इस खबर को तेजी से अपडेट कर रहे हैं……………….
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गुरुग्राम में कांग्रेस जिलाध्यक्षों को पुलिस का नोटिस:बोले-भाजपा कार्यालय गुरुकमल के बाहर सुंदरकांड पाठ रोकने की साजिश, राम-नाम लेना क्राइम नहीं
