ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने 1,014 करोड़ रुपए बकाया न चुकाने वाले बिल्डरों पर एक्शन किया है। 20 बिल्डरों को अब नई अप्रूवल पर उस समय तक की रोक लगा दी गई है, जब तक वह पुराने बकाया नहीं चुकाते हैं। यह राशि एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेस (EDC), लाइसेंस फीस (LF) और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तौर पर वसूली जानी थी। वहीं, इसके बाद गिल्को रियल एस्टेट ग्रुप की तरफ से 57 लाख रुपए जमा करवा दिए है। इस सूची में कई नेताओं की कंपनियां भी शामिल है। वहीं, कुछ दिन पहले जिस सनटेक ग्रुप के प्रबंधकों पर ईडी की रेड पर पड़ी थी। वह कंपनी भी डिफाल्टरों की सूची में है। गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार ने आर्डर जारी किए है। उनका कहना है कि बिल्डर्स पर काफी बकाया पेंडिंग है। रिकवरी के लिए अब डिफाल्टर लिस्ट बनाकर उनके सभी नए प्रोजेक्ट की अप्रूवल पर रोक लगा दी है। बाजवा डेवलपर का नाम भी आगे गमाडा की तरफ से पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा) के तहत पास 13 कॉलोनियों से डेवलपर्स द्वारा ली जाने वाली फीस का बकाया 312 करोड़ रुपये है। सूची में सबसे ज्यादा बकाया मेसर्स बाजवा डेवलपर्स पर है, जिस पर दो मेगा-प्रोजेक्ट के करीब 150 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर पर 47 करोड़, आरकेएम हाउसिंग पर 31 करोड़ और शिवालिक साइट प्लानर्स पर 36 करोड़ पेडिंग है। गीतू कंस्ट्रक्शन पर 14 करोड़ और मैजेस्टिक प्रॉपर्टीज परसाढ़े सात करोड़ से ज्यादा का बैलेंस है। करोड़ों की बोली देने वाले भी पीछे गमाडा की डिफॉल्टर सूची में मेगा प्रोजेक्ट्स के नाम सबसे ऊपर हैं। इन्होंने करोड़ों की बोली देकर प्रॉपर्टी खरीदी थी। लेकिन अब अदायगी नहीं कर रहे है। सात मेगा प्रोजेक्ट्स से गमाडा को 701 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हैं। इनमें सबसे ज्यादा बाजवा डेवलपर्स के मेगा प्रोजेक्ट-1 का 209 करोड़ और मेगा प्रोजेक्ट-2 का 168 करोड़ रुपये बकाया है। सेक्टर-82, 90 और 91 में काम रहे जनता लैंड प्रमोटर भी 152 करोड़ रुपये बकाया हैं। सेक्टर-66ए में सुखम इंफ्रास्ट्रक्टचर पर 69 करोड़ समेत कई नाम शामिल है।
इन बिल्डरों ने ने अभी तक चुकाया है बकाया मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (मेगा प्रोजेक्ट-1) – ₹209.30 करोड़
मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (मेगा प्रोजेक्ट-2) – ₹168.61 करोड़
मैसर्स जनता लैंड प्रमोटर्स (सेक्टर 82, 90, 91) – ₹152.12 करोड़
मैसर्स बाजवा डेवलपर्स (लाइसेंस 22/2014) – ₹127.19 करोड़
मैसर्स सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर (सेक्टर 66ए) – ₹69.06 करोड़
मैसर्स चंडीगढ़ रायल सिटी प्रमोटर्स – ₹47.89 करोड़
मैसर्स एचपी सिंह एंड अदर्स (सेक्टर 122) – ₹45.78 करोड़
ग्लोबल्स प्रोजेक्ट्स (सेक्टर 66ए) – ₹34.52 करोड़ आरकेएम हाउसिंग सेक्टर (सेक्टर 111-112) – ₹31.07 करोड़
मैसर्स बाजवा डेवलपर (लाइसेंस 20/2014) – ₹23.40 करोड़ प्रीत लैंड प्रमोटर (सेक्टर 86) – ₹22.14 करोड़
मैसर्स शिवालिक साइट प्लानर्स – ₹20.55 करोड़ मैसर्स शिवालिक साइट प्लानर्स (कासा एस्पानk) – ₹15.60 करोड़
मैसर्स गीतू कंस्ट्रक्शंस – ₹14.79 करोड़
द इंडियन कोआपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी सनटेक – ₹11.47 करोड़
मैसर्स बाजवा दामिनी डेवलपर्स – ₹10.65 करोड़
मैसर्स मैजेस्टिक प्रॉपर्टीज – ₹7.13 करोड़
मैसर्स नॉर्थएज डेवलपर्स – ₹1.11 करोड़
मैसर्स राइजिंग स्टार इंफ्रास्ट्रक्चर – ₹0.99 करोड़
मैसर्स गिल्को डेवलपर्स एंड बिल्डर्स – ₹0.57 करोड़
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गमाडा का बकाया न चुकाने वाले बिल्डरों पर एक्शन:20 की नई अप्रूवल पर रोक, डिफाल्टरों में ईडी के एक्शन वाली कंपनी भी शामिल
