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हिसार जिले के अग्रोहा में एक खाद-बीज विक्रेता द्वारा यूरिया की कथित ब्लैक मार्केटिंग और किसानों को जबरन अन्य उत्पाद टैग कर बेचने की सूचना पर सीएम फ्लाइंग हिसार और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को अग्रोहा स्थित मैसर्स किसान सेवा केंद्र’ नामक खाद-बीज की दुकान पर छापेमारी की। जांच के दौरान टीम को यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचने सहित कई अनियमितताएं मिलीं। मामले में संयुक्त टीम ने संबंधित दुकानदार के खिलाफ आगामी कार्रवाई के लिए अग्रोहा पुलिस को शिकायत दी है। रेड का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने किया। टीम में कृषि विभाग की क्यूसीआई डॉ. प्रियंका, एसडीओ अजीत, सब इंस्पेक्टर कृष्ण, एएसआई सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल विजय तथा कांस्टेबल भूपेंद्र शामिल रहे। बोगस ग्राहक भेजकर कराई गई खाद की खरीद सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि अग्रोहा में उक्त खाद विक्रेता द्वारा किसानों को यूरिया निर्धारित कीमत से अधिक पर बेचा जा रहा है। इसके अलावा किसानों को यूरिया के साथ अन्य सामान जबरन टैग कर देने की भी शिकायत मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त टीम गठित की गई और एक व्यक्ति को बोगस ग्राहक बनाकर खाद की दुकान पर भेजा गया। टीम के अनुसार बोगस ग्राहक को एक बैग यूरिया निर्धारित कीमत 267 रुपए के बजाय 280 रुपए में दिया गया। इसके साथ ही उसके साथ अन्य उत्पाद को भी जबरन टैग किया गया। इसके बाद टीम ने तत्काल दुकान पर रेड की और खाद विक्रेता के स्टॉक एवं बिक्री रिकॉर्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू की। किसान से 267 की जगह 300 रुपये वसूलने के प्रमाण मिले जांच के दौरान टीम के सामने एक किसान का मामला भी आया, जिसमें आरोप है कि उससे यूरिया खाद के निर्धारित मूल्य 267 रुपए प्रति बैग के बजाय 300 रुपए प्रति बैग वसूले गए। किसान द्वारा इस संबंध में टीम को संबंधित प्रमाण भी उपलब्ध करवाए गए हैं। टीम ने दुकान पर उपलब्ध स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान यूरिया की बिक्री में निर्धारित नियमों का उल्लंघन सामने आया तथा अन्य अनियमितताएं भी पाई गईं। इसके बाद संयुक्त टीम ने मामले में अग्रोहा पुलिस को शिकायत देकर आगामी कार्रवाई के लिए सुपुर्द किया गया है। वर्तमान में यूरिया खाद को लेकर किसानों के बीच कोई खास मारामारी भी नहीं है और खाद विक्रेता के गोदाम में संयुक्त टीम को लगभग 5000 बैग से ज्यादा यूरिया खाद जांच के दौरान मिले हैं। इसके बावजूद दुकानदार द्वारा किसानों को ब्लैक में यूरिया खाद की बिक्री की जारी थी तथा अन्य उत्पाद टैग करके बेचे जा रहे थे। 267 रुपए निर्धारित है यूरिया का मूल्य सीएम फ्लाइंग रेंज इंचार्ज सुनैना ने कहा कि सरकार किसानों को सब्सिडी पर उर्वरक उपलब्ध कराती है, ताकि उन्हें कृषि कार्य के लिए खाद उचित एवं निर्धारित मूल्य पर मिल सके। वर्तमान में किसानों को यूरिया का एक बैग 267 रुपए निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकृत खाद विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेचकर किसानों से अतिरिक्त राशि नहीं वसूल सकता। यदि कोई विक्रेता यूरिया या अन्य उर्वरक की ब्लैक मार्केटिंग करता है अथवा किसानों को जबरन अन्य उत्पाद टैग करके देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों से अपील, यूरिया खरीदते वक्त बिल अवश्य लें उन्होंने किसानों से भी अपील की कि खाद खरीदते समय बिल अवश्य लें और यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि मांगता है या खाद के साथ जबरन कोई अन्य सामान देता है तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग या प्रशासन को करें। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। खाद की कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और किसानों को अनावश्यक उत्पाद थोपने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार किसानों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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