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कुरुक्षेत्र के ब्लाइंड मर्डर केस में रूममेट को उम्रकैद:बर्गर खाने के शौक से खुला राज; महाराष्ट्र से नौकरी की तलाश में आया था CA




कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में बर्गर खाने के शौक ने 3 साल पहले मिले युवक के शव से शुरू हुई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए दोषी को सजा दिलवाई है। नौकरी की तलाश में महाराष्ट्र से आए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सागर की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी विक्टर जोन मैनटैरियो उर्फ सोनू निवासी सांईचरण, कोपरखेना, नई मुंबई (महाराष्ट्र) को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी सोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। यह मामला इसलिए भी खास रहा, क्योंकि शुरुआत में पुलिस के पास मृतक की कोई पहचान नहीं थी। साथ ही कोई सुराग भी नहीं मिला था। लेकिन बेटे की तलाश में जुटे पिता के इरादे और पुलिस की टेक्निकल जांच ने इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाया। निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास मिला था शव जानकारी के अनुसार, यह मामला 4 अप्रैल 2023 का है। सुबह करीब साढ़े 9 बजे रतनगढ़ निवासी अमरजीत अपने खेतों की तरफ जा रहे थे। रास्ते में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास उन्हें एक युवक का शव पड़ा मिला। युवक ने नीली जींस और मैरून रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके गले में लाल रंग का रस्सीनुमा कपड़ा कसकर बंधा हुआ था, जिससे साफ लग रहा था कि उसकी हत्या की गई है। पहचान नहीं होने कर दिया अंतिम संस्कार सूचना मिलने पर शाहाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को एलएनजेपी अस्पताल की मॉर्च्युरी में 72 घंटे तक पहचान के लिए रखा, लेकिन कोई उसे पहचानने नहीं पहुंचा। इसके बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया और नियमानुसार अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में अपराध CIA-2 को सौंप दी गई। बर्गर खाने की आदत ने सुलझाई गुत्थी इधर, सागर के पिता मनीष कुमावत अपने बेटे की तलाश में लगे हुए थे। सागर का मोबाइल लंबे समय से बंद आ रहा था। उन्होंने उसी नंबर को मोबाइल कंपनी से दोबारा जारी करवाया और इस्तेमाल करना शुरू किया। कुछ समय बाद शाहाबाद से उनके पास कॉल आई। कॉलर ने कहा कि वह सागर को जानता था। उसने सागर के कुछ पैसे देने हैं, क्योंकि वह उसके यहां बर्गर खाने आता था। यह फोन कॉल पूरे मामले का पहला बड़ा सुराग बना। पिता को अनहोनी की आशंका हुई। वह शाहाबाद पहुंचे और पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने अपने बेटे की फोटो और उसके कपड़ों से शव की पहचान सागर के रूप में कर दी। हालांकि शव का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। कॉल डिटेल ने खोला हत्या का राज CIA-2 ने सागर के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली। जांच में सामने आया कि सागर की सबसे ज्यादा बातचीत विक्टर जोन मैनटैरियो उर्फ सोनू के साथ होती थी। सागर के पिता और भाई ने भी उसी व्यक्ति पर शक जताया। इसके बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही। सागर आरोपी सोनू का रूममेट था। चंडीगढ़ से पकड़कर लाई 16 मई 2023 को CIA-2 की टीम को आरोपी के मोबाइल की लोकेशन चंडीगढ़ में मिली। पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंची और विक्टर जोन मैनटैरियो उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने सागर की हत्या करना स्वीकार कर लिया। उसकी सागर के साथ पैसे को लेकर झगड़ा हुआ था। नौकरी की तलाश में आया था CA सागर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) था। वह नौकरी की तलाश में महाराष्ट्र से आया था। उसके पिता ने अपने बेटे के कातिल के लिए कोर्ट से फांसी की सजा मांगी थी। कोर्ट ने आरोपी सोनू को विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।



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